कानपुर देहात। बिल्हौर में पांच साल पहले दहेज के लिए विवाहिता की हुई हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने पति को बीस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
जालौन के कदौरा क्षेत्र के गांव अलीपुर निवासी शिवनारायण ने बिल्हौर पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि पुत्री शोभा उर्फ दिलासा का विवाह 26 अप्रैल 2016 को लक्ष्मीबाई नगर निवासी साजन के साथ किया था।
विवाह के बाद से ही पति साजन, ननदोई दिनेश व ननद लक्ष्मी दहेज की मांग करते हुए उसे प्रताड़ित करने लगे। 28 जुलाई 2017 को पुत्री की फंदा लगाकर हत्या कर दी गई। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ अमरजीत सिंह की अदालत में चल रही थी।
बुधवार को बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय प्रथम ने अदालत को बताया कि जब विवाहिता की हत्या हुई उस समय वह गर्भवती थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पति को दोषी ठहराते हुए बीस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।
वहीं, साक्ष्य के अभाव में ननद लक्ष्मी व ननदोई दिनेश को दोषमुक्त कर दिया। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय प्रथम ने बताया कि कोर्ट ने दोषी पति पर दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।