कानपुर देहात। देवराहट क्षेत्र के सेल्हूपुर में 44 साल पहले हुई चार लोगों की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार को न्याय का इंतजार है। बेहमई कांड से भी पुराने इस मुकदमे में 13 आरोपितों की मौत हो चुकी है। एक आरोपित अभी तक फरार है।
मामले में अब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की कोर्ट में सात आरोपियों की पत्रावली अलग कर सोमवार को बहस की तारीख नियत की गई है। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय प्रथम ने बताया कि देवराहट क्षेत्र के सेल्हूपुर गांव में नवंबर 1978 में किसान दिनेश की हत्या हुई थी।
इसमें आरोपी अयोध्या प्रसाद के जमानत पर रिहा होने के बाद बदला लेने के इरादे से 23 अप्रैल 1979 को उसके भाई सरजू, भतीजे शिव प्रसाद व छोटे और पौत्र भीम सिंह (4) की एक साथ हत्या कर दी गई थी। मामले में अयोध्या प्रसाद ने भोगनीपुर कोतवाली में 21 लोगों के खिलाफ हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले में अभियोजन की ओर से कोर्ट में नौ लोगों की गवाही कराई गई थी। इसके बाद शुरू हुए कानूनी दांव पेंच में यह मामला 1982 में हाईकोर्ट के स्थगनादेश से लंबित हो गया था।
स्टे खारिज होने के बाद इस मामले की सुनवाई अब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ अमरजीत की अदालत में शुरू हुई है। मामले में 13 आरोपियों की मौत हो चुकी हैं। एक आरोपी मान सिंह फरार है।
इनके अलावा विजय बहादुर, प्रेमचंद्र, विजय नारायण, बतोले, मथुरा, धनीराम व शिवराम की पत्रावली को अलग कर सुनवाई शुरू की गई है। मामले में कोर्ट ने सोमवार को बहस की तिथि नियत की है।