अकबरपुर के मेटरनिटी विंग के इमरजेंसी कक्ष के बाहर बैठा प्रसूता का पति(बांए), आशा, व देवर।
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कानपुर देहात। सिकंदरा के साखिन बुजुर्ग गांव की गर्भवती को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार शाम एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। उसे भर्ती करने के लिए विवरण दर्ज किया जा रहा था। तभी आशा उसे बहला कर प्राइवेट अस्पताल में ले जाने लगी। महिला को वह पैदल ही लेकर अस्पताल के गेट तक आ गई। इस बीच सड़क पर ही प्रसव हो गया। वहां से निकल रही एंबुलेंस को चालक ने रोक कर जच्चा-बच्चा दोनों को मेटरनिटी विंग के इमरजेंसी में भर्ती कराया। नवजात की हालत गंभीर है।
शुक्रवार शाम साखिन बुजुर्ग गांव की अनीता को प्रसव पीड़ा होने पर उसके पति एहसान अली के साथ एंबुलेंस से लेकर आशा जिला अस्पताल पहुंची। प्रसूता का पूरा विवरण दर्ज भी नहीं हो पाया था। तभी आशा ने महिला के पति को गुमराह कर निजी नर्सिंग होम ले चलने के लिए राजी कर लिया। वह गर्भवती को पैदल लेकर जा रही थी। महिला अस्पताल से तीन सौ मीटर दूर पैदल चलकर गेट तक पहुंची थी। तभी तेज दर्द हुआ और सड़क पर ही बेटे को जन्म दे दिया। इस बीच वहां से निकल रही 102 एंबुलेंस के चालक शिवाकांत व ईएमटी अर्चना ने रुककर उसे ले जाकर मेटरनिटी विंग के इमरजेंसी कक्ष में भर्ती कराया।
इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. गीता यादव ने बताया कि गर्भवती को साम 5:10 बजे लाया गया था। उसे भर्ती करने की प्रक्रिया चल रही थी। इस बीच पति व आशा ने निजी नर्सिंग होम ले जाने की बात लिखकर दी और गर्भवती को लेकर चली गई। इसके बाद कुछ ही देर में एबुलेंस से फिर महिला को लाया गया। उसका प्रसव सड़क पर हो चुका था। नवजात का वजन कम है। महिला ही हालत सामान्य है।
सीएमओ डॉ राजेश कटियार ने बताया कि सड़क पर प्रसव होने की जानकारी नहीं है। अगर आशा गर्भवती को जिला अस्पताल से पैदल लेकर नर्सिंग होम जा रही थी तो जांच कराकर उसकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।