कानपुर देहात। लखनऊ के एक होटल में आग लगने की घटना के बाद शासन के निर्देश पर पिछले माह जनपद के होटलों, शैक्षिक संस्थानों, निजी व सरकारी अस्पतालों में फायर ऑडिट किया गया।
इसमें 237 संस्थानों में आग से सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी मिले। चार होटलों व पांच निजी अस्पतालों में व्यवस्थाएं तो मिलीं, लेकिन इनमें छोटी खामियां पायी गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने रिपोर्ट डीजी फायर को भेजी है।
डीजी फायर अवनीश चंद्रा के निर्देश पर जनपद में होटलों, विद्यालयों व निजी और सरकारी अस्पतालों का अभियान चलाकर फायर ऑडिट कराया गया। इसमें निजी व सरकारी मिलाकर कुल 181 विद्यालय जांचे गए।
किसी विद्यालय में अग्नि से सुरक्षा के इंतजाम पूरे नहीं मिले। अधिकांश संस्थानों में केवल अग्निशमन यंत्र मिले। यहां टेरिस पंप और ओवर हेड टंकी आदि का इंतजाम नहीं मिला। जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी समेत 32 सरकारी अस्पतालों में भी अग्निशमन के इंतजाम नहीं मिले।
17 होटलों में भी फायर ऑडिट किया गया। इसमें 13 होटलों में आग बुझाने की व्यवस्थाएं नहीं थी। किसी के पास फायर एनओसी नहीं मिली। केवल चार होटलों में आग बुझाने के इंतजाम मिले। हालांकि इनके पास भी फायर एनओसी नहीं थी। पांच निजी अस्पतालों में आग बुझाने के संसाधन मिले लेकिन छोटी खामियां पायी गई।
फायर ऑडिट में 237 संस्थानों में आग बुझाने के जरूरी संसाधन नहीं मिले हैं। चार होटलों व पांच निजी अस्पतालों में अग्निशमन उपकरणों में छोटी खामियां मिलीं है। फायर ऑडिट रिपोर्ट डीजी फायर को भेजी गई है। उनके निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। - सुरेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी