पुखरायां। कस्बा स्थित आईटीआई में मंगलवार को एक अभ्यर्थी का आवेदन फार्म सही भरा नहीं होने की बात कह कर्मचारियों ने दाखिला देने के मना कर दिया। इससे नाराज अभ्यर्थी ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े साथियों के साथ मिलकर शिक्षकों व कर्मचारियों से मारपीट की।
वहीं, एबीवीपी के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों पर मारपीट व बंधक बनाने का आरोप लगाया है। एबीवीपी के पदाधिकारी व आईटीआई प्रशासन ने एक-दूसरे के खिलाफ भोगनीपुर थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आईटीआई पुखरायां में दाखिले के लिए एक अभ्यर्थी ने आवेदन फार्म में लिंग के कॉलम में मेल की जगह फीमेल भर दिया था। मंगलवार को अभ्यर्थी आईटीआई पहुंचा, तो कर्मचारी शैलेंद्र राठौर, राजीव सिंह व शशि सिंह व अन्य ने आवेदन फार्म गलत भरे जाने का हवाला देकर दाखिल देने से मना कर दिया।
इस पर अभ्यर्थी व कर्मचारियों के बीच बहस होने लगी। विवाद बढ़ने पर अभ्यर्थी ने एबीवीपी से जुड़े साथियों को मौके पर बुला लिया। कर्मचारियों का आरोप है कि अभ्यर्थी ने साथियों के साथ मिलकर उनकी पिटाई की। कर्मचारी राजीव ने फोन कर पुलिस बुला ली।
सीओ भोगनीपुर तनु उपाध्याय व थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह, पुखरायां चौकी प्रभारी देवनारायन द्विवेदी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया।
इधर, परिषद के ऋषि तिवारी, अजय राजपूत, प्रतीक व आकाश ने बताया कि वह संगठन के सदस्यता अभियान के लिए आईटीआई परिसर में छात्रों को संगठन की जानकारी देने गए थे। तभी प्राचार्य शशी व वंदना समेत नौ अन्य कर्मचारियों वहां आए और बोले, आप जैसे लोग रोज चंदे लेने आते हैं।
इस दौरान साथी को जाति सूचक शब्द भी कहे। विरोध करने पर संगठन के कार्यकर्ताओं को पीटा। कर्मचारियों ने गेट बंद उन्हें बंधक बना लिया। साथी दो युवती पदाधिकारियों से अभद्रता की। सत्यम तिवारी की तरफ से पुलिस को दी गई तहरीर में कई कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर किए हैं।
आईटीआई प्रशासन की तरफ से तहरीर मिली है। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के तहरीर देने की जानकारी नहीं हैं। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार सिंह, थाना प्रभारी
एक अभ्यर्थी ने आवेदन पत्र में लिंग के कॉलम में मेल की जगह फीमेल भर दिया था। इसलिए उसका दाखिला लेने से कर्मचारियों ने मना किया था। इसी बात पर हुए विवाद में शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ मारपीट हुई है। थाने में तहरीर दी गई है। वह भी तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराएंगे। - राम सिंह, नोडल अधिकारी आईटीआई