बरौर थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां सैदलीपुर गांव में शुक्रवार दोपहर लकड़ी से ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालते समय एक बड़ा हादसा हो गया। गांव के तालाब के पास बना एक सरकारी गेट ट्रॉली में लदी लकड़ियों में फंस गया, जिससे पूरा गेट भरभराकर सीधे ट्रैक्टर चला रहे किसान के ऊपर गिर पड़ा। इस खौफनाक हादसे में मलबे के नीचे दबकर ट्रैक्टर चालक किसान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया है।
ओवरलोड लकड़ियों के कारण हुआ हादसा
सैदलीपुर गांव निवासी अमित (40) पेशे से किसान थे और खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को गांव के ही चंदन और सद्दाम नाम के दो ठेकेदार आम के पेड़ की लकड़ी कटवाकर ट्रॉली में लाद रहे थे। ट्रैक्टर अमित चला रहे थे। दोपहर में जब ट्रैक्टर-ट्रॉली लकड़ी लेकर गांव के तालाब के पास बने गेट से गुजर रही थी, तभी ट्रॉली में क्षमता से अधिक और ऊंची लकड़ियां लदी होने के कारण वे गेट के ऊपरी हिस्से में बुरी तरह अटक गईं।
मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
इस दर्दनाक हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है। घटना के समय अमित के दोनों मासूम बच्चे—6 वर्षीय पुत्र सूर्यांश और 3 वर्षीय पुत्री अमृता अपने मामा के घर घाटमपुर के धौकलपुर गांव गए हुए थे, जिन्हें पिता की मौत की खबर तक नहीं है। उधर, जैसे ही अमित का शव घर पहुंचा, उसकी वृद्ध मां शिव देवी और पत्नी सोनम चीख मारकर बेहोश हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में इस असमय मौत से मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही बरौर थानाध्यक्ष महेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मलबे को हटवाकर शव को कब्जे में लिया और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। थानाध्यक्ष महेश कुमार के अनुसार ट्रॉली में लकड़ी अधिक होने के कारण गेट से टकराकर यह हादसा हुआ है।
पुलिस ने विधिक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार लकड़ी ठेकेदारों की तलाश की जा रही है और मामले की गहनता से जांच जारी है।