राजपुर। सट्टी के खोजाफूल स्थित ईंट भट्ठे पर काम करने वाले अफसरिया गांव निवासी एक श्रमिक की मंगलवार शाम अचानक तबियत बिगड़ गई। साथी श्रमिकों ने उसे औरैया के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया।
जहां से बुधवार को रेफर करने पर साथी कानपुर ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस पर भट्टा संचालक ने शव गांव भिजवाया, जहां परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों ने मुगल रोड जाम करने का प्रयास किया। वहीं, सूचना पर पहुंची सट्टी व राजपुर पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। फिलहाल परिजनों ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।
अफसरिया गांव निवासी वीरू (35) सिकंदरा के खोजाफूल स्थित निजामी ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था। अविवाहित होने की वजह से वह भट्ठे में ही झोपड़ी बनाकर रहता था। मंगलवार शाम संदिग्ध हालात में उसकी हालत बिगड़ गई।
साथी श्रमिक उसे औरैया के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां भर्ती कर डाक्टरों ने उपचार शुरू किया। हालत में सुधार न होने पर बुधवार सुबह कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया। रास्ते में वीरू ने दम तोड़ दिया।
इस पर भट्ठा संचालक ने श्रमिक के शव को टेंपो से उसके घर भेज दिया। शव लेकर गए चालक ने गांव के बाहर ही टेंपो खड़ा कर दिया। वीरू की मौत की सूचना पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
साथ ही मुगल रोड पर शव रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। इसकी सूचना पर सट्टी व राजपुर पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि परिजनों को समझाकर शांत करा दिया गया है।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि शराब व भांग का एक साथ सेवन करने पर उसकी हालत बिगड़ी थी।