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जिले के निवासी चार और मरीजों में डेंगू की पुष्टि, मचा हडक़ंप

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जिला अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर के इंतजार में बैठे मरीज। - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। जिले में डेंगू का कहर बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार देर शाम मेडिकल कालेज कानपुर ने चार और मरीजों में डेंगू होने की पुष्टि रिपोर्ट भेजी है। जिले में अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या 60 पहुंच गई है। इनमें से छह की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रोकथाम में नाकाम साबित हो रहा है।
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मेडिकल कालेज कानपुर से चार और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। माती पुलिस लाइन निवासी सचिन सक्सेना (26), अकबरपुर क्षेत्र के बिवाईन निवासी शानू (18), रनियां निवासी दीपक (18) और झींझक ब्लाक क्षेत्र के अनंतपुर धौकल निवासी सतेंद्र कुमार को डेंगू निकला है। सीएमओ डॉ. हीरा सिंह ने बताया कि डेंगू मरीजों का सत्यापन कराया जा रहा है। मेडिकल कालेज कानपुर से अब तक कुल 60 मरीजों में डेंगू पुष्टि की रिपोर्ट भेजी गई है। सीएमओ ने उनका सत्यापन करने को कहा। अफसर 60 डेंगू मरीजों में से 10 को अभी तक नहीं ढूंढ सके हैं। संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. यतेंद्र शर्मा ने बताया कि अब तक कुल 35 मामलों का सत्यापन किया जा सका है। नौ डेंगू के मरीज दूसरे जिलों के हैं। बाकी का सत्यापन कराया जा रहा है।
उदयपुर गांव में तीन महिलाओं सहित पांच लोग बुखार की चपेट में हैं। एक महिला की उपचार के दौरान निजी अस्पताल में मौत हो गई।
गांव की डौली, जसवंत, सतनाम, रानी देवी, राजरानी बुखार की चपेट में हैं। परिजनों ने डौली और सतनाम को कानपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है। राजरानी और जसवंत का उपचार औरैया में किया जा रहा है। रानी देवी का इलाज इटावा के सैफई अस्पताल में हो रहा था। सोमवार की शाम रानी देवी की मौत हो गई। पति प्रेम शंकर ने बताया कि डॉक्टरों ने डेंगू होने की बात कही थी, लेकिन डेंगू पुष्टि की रिपोर्ट अभी तक नहीं भेजी है। हवासपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि गांव में फैले बुखार की जानकारी नहीं है। बुधवार को गांव में टीम भेजकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा।
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इधर, हर रोज जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। हालत यह है कि एक बेड पर दो-दो मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में सामान्य दिनों में पांच सौ से छह सौ मरीज ही पहुंचते हैं। इन दिनों ओपीडी में मरीजों की संख्या एक हजार से अधिक हो रही है। इसके बावजूद पर्याप्त संसाधनों का इंतजाम नहीं किया जा रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों की सुबह से ही भीड़ लग गई। ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। वहीं डेंगू वार्ड मरीजों से फुल दिखा।
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