कानपुर देहात। बलवंत हत्याकांड के मामले में आरोपी तत्कालीन एसओजी प्रभारी प्रशांत कुमार गौतम की जमानत अर्जी पर सोमवार को अदालत में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई। अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है। वहीं, अभी अन्य आरोपियों की अर्जियों पर सुनवाई होना बाकी है।
शिवली के सरैया लालपुर गांव निवासी बलवंत सिंह की 12 दिसंबर 2022 को रनियां थाने में पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। मामले में हत्या व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर तत्कालीन एसओजी प्रभारी समेत आठ आरोपियों को जेल भेजा गया था। सभी जिला कारागार में निरुद्ध हैं।
मामले में सभी आरोपियों की ओर से जमानत प्रार्थनापत्र अदालत में दाखिल किए गए हैं। इनकी सुनवाई जिला जज की अदालत में विचाराधीन थी। इसी बीच वादी पक्ष की तरफ से पूर्व में अदालत में जेल में बंद आठों आरोपियों व पुलिस विवेचना में क्लीन चिट पाए तत्कालीन रनियां थाना प्रभारी शिवप्रकाश सिंह समेत तीन आरोपियों को अदालत तलब करने के साथ ही सभी आरोपियों पर हत्या व लूट के अपराध में मुकदमा चलाए जाने का प्रार्थनापत्र अदालत में पेश कर दिया गया था।
इस पर भी सुनवाई लंबित चल रही थी। कई तिथियों तक सुनवाई होने के बाद पूर्व में जिला जज ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए मामले की पत्रावली सहित सभी आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्रों को एडीजे प्रथम चंद्रशेखर की अदालत में सुनवाई के लिए स्थानांतरित कर दिया था। वहां वादी पक्ष के दिए गए प्रार्थना पत्र पर दोनों पक्षों की बहस हो चुकी है। अब अदालत का आदेश आना है।
वादी पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि सोमवार को मामले में तत्कालीन एसओजी प्रभारी प्रशांत कुमार गौतम की ओर से दाखिल जमानत अर्जी पर दोनों पक्षों की अदालत में बहस पूरी हो गई।
अब अदालत ने जमानत अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित कर लिया है। वहीं, विनोद कुमार, प्रशांत कुमार, तत्कालीन मैंथा चौकी प्रभारी ज्ञान प्रकाश पांडेय सहित अन्य आरोपियों की ओर से अदालत में दाखिल जमानत अर्जियों पर सुनवाई के लिए एक, पांच और छह सितंबर की तिथियां पूर्व से नियत है।