सरवनखेड़ा। गजनेर के डूडा देव गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र से गुरुवार को एक मासूम अचानक लापता हो गया। कुछ देर बाद उसका गांव स्थित तालाब में उतराता मिला। परिजनों ने किसी तरह की कार्रवाई करने से इनकार करते हुए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
डूडा देव गांव निवासी भूपेंद्र सिंह का ढाई साल का बेटा सूर्य प्रताप सिंह हर रोज गांव में ही स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर जाता था। दादी मधु उसे केंद्र में छोड़ने और लेने के लिए जाती थीं।
भूपेंद्र ने बताया कि मां मधु गुरुवार सुबह नौ बजे सूर्य प्रताप को आंगनबाड़ी केंद्र में छोड़कर आई थीं। इसके बाद 10 बजे वह केंद्र में उसे लेने पहुंची, तो बेटा वहां नहीं मिला। इस पर परिजनों व ग्रामीणों ने उसकी खोजबीन शुरू कर की।
कुछ देर बाद गांव स्थित तालाब में सूर्य प्रताप पानी में उतराता मिला। ग्रामीणों की मदद से भूपेंद्र ने बेटे को तालाब से निकाला और सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टर ने सूर्य प्रताप को मृत घोषित कर दिया।
आंगनबाड़ी केंद्र से सूर्य प्रताप तालाब तक कैसे पहुंचा, इस बारे में परिजन कुछ नहीं बता सके। इधर, ग्रामीणों में चर्चा है कि भूपेंद्र की गांव के बाहर पान मसाला की दुकान है। संभव है कि पिता की दुकान जाते समय वह तालाब के पास पहुंच गया हो और पैर फिसलने से वह पानी में डूब गया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी सरवनखेड़ा धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सूर्य प्रताप का नाम आंगनबाड़ी केंद्र के रजिस्टर में दर्ज है। थाना प्रभारी समर बहादुर सिंह ने बताया कि परिजनों ने किसी भी तरह की कार्रवाई से इनकार कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।