कानपुर देहात। ट्रांसपोर्ट से माल लेकर निकलने के बाद रास्ते में बेच कर ट्रक का नंबर व रंग बदलने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने मंगलवार को सिकंदरा के एक ढाबे से गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के लोगों ने मई में रूरा कस्बे से 11 लाख का सरसों लेकर हड़प कर गए थे। पकड़े गए तीन शातिरों के अलावा पांच साथी अभी फरार हैं। सभी राजस्थान के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके पास से दो ट्रक, ड्राइविंग लाइसेंस, 9 नंबर प्लेट आदि बरामद किए हैं।
गिरोह की जानकारी देते हुए एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि रूरा से 12 मई को 292 बोरी सरसों लादकर जयपुर के लिए रवाना होने वाला ट्रक वहां नहीं पहुंचा था। माल खरीद कर जयपुर भेजने वाले ट्रेडिंग कंपनी के संचालक अटेर रोड बालाजी नगर, भिंड, मध्यप्रदेश के शनि कुमार जैन ने 14 जून को रूरा थाने में सिकंदरा के ट्रांसपोर्टर मांगीलाल व ट्रक चालक कोटडी भीलवाड़ा राजस्थान निवासी सत नारायन पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ट्रक में 11 लाख 89 हजार रुपये की सरसों लदी थी। इधर, पुलिस मामले के खुलासे में लगी थी।
एसपी ने बताया कि रूरा से माल लेकर गायब होने वाला ट्रक मंगलवार की सुबह सिकंदरा के एक ढाबा में खड़े होने की जानकारी मिली। रूरा पुलिस मौके पर पहुंची। वहां से पुलिस ने गौंडी देउली, जिला टोंक, राजस्थान के ट्रक मालिक राम प्रसाद चौधरी, दीपक और ट्रक चालक कोहा बूंदी राजस्थान निवासी सतनाम को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लोगों के पास से दो ट्रक बरामद हुए। एक ट्रक में मक्का लदा है जबकि दूसरे में लोहे के एंगल लदे हैं।
पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने बताया कि महाराष्ट्र, दिल्ली व राजस्थान के ट्रांसपोर्ट से माल लेकर निकलने के बाद रास्ते में माल बेचकर ट्रक की नंबर प्लेट बदलने के साथ कई बार ट्रक में पेंट करके उसका रंग बदल देते थे। इस कारण वह पुलिस की पकड़ में नहीं आते थे। पुलिस को 3 ड्राइविंग लाइसेंस, तीन ट्रकों के रजिस्ट्रेशन नंबर, एक रंग की डिब्बी, 9 नंबर प्लेट, एक बंडल रेडियम, 3 मोबाइल बरामद हुए हैं। गिरोह में शामिल जिला टोंक राजस्थान के हनुमान, मुकेश, बुद्धिप्रकाश उर्फ बुधिया, विजय कुमार मीना, हरी सिंह फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगी है। एसपी ने कहा कि गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। खुलासे के दौरान एएसपी अनूप कुमार, सीओ अकबरपुर, अर्पित कपूर, रूरा एसओ आलोक कुमार मौजूद रहे।