बिल्हौर (कानपुर)। कोतवाली क्षेत्र के औरंगपुर सांभी गांव निवासी एक युवती ने चचेरे भाई और तहसील अफसरों पर आरोप लगा एसडीएम कार्यालय के पास अपने ही शरीर पर केरोसिन डाल लिया। यह देखकर आसपास लोगों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में तैनात गार्डों ने युवती से केरोसिन की डिब्बा छीना। कोतवाली पुलिस की महिला सिपाहियों ने हिरासत में लिया। तहसीलदार और इंस्पेक्टर बिल्हौर ने आत्मदाह का प्रयास करने वाली युवती और उसके चचेरे भाई पर शांतिभंग की कार्रवाई की है।
इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह ने बताया कि औरंगपुर सांभी गांव निवासी रेखा कोरी पुत्री जयंशकर का अपने ही चचेरे भाई उमेश से कई वर्षों से पैतृक संपत्ति और आर्थिक लेनदेन के विवाद में चला रहा है। रेखा का आरोप है कि उमेश ने उसे और उसकी मां मालती को घर से निकाल दिया है। वह पंचायत भवन और मंदिर में रहने को मजबूर हैं। शिकायत के बावजूद 2016 से सुनवाई नहीं हो रही है। इसी बात से खिन्न होकर उसने तहसील में केरोसिन आयल शरीर पर छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया।
इंस्पेक्टर के मुताबिक, समय रहते रेखा को काबू कर लिया। चचेरे भाई को घटना की जानकारी होने पर उसने पुलिस और राजस्व अधिकारियों को इसकी कोई जानकारी नहीं दी। इसलिए मौके पर बुलाया गया। तहसीलदार अवनीश कुमार ने बताया कि उमेश कुमार स्वास्थ्य कर्मी हैं जिनका लंबे समय से पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चला आ रहा है। उमेश ने पूछताछ में रेखा पर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर शांतिभंग में पाबंद कर दिया, लेकिन उक्त दोनों उप जिलाधिकारी न्यायालय से जमानत कराकर बहस-करते हुए फिर से गांव चले गए।
तहसीलदार अवनीश कुमार ने बताय कि युवती रेखा और स्वास्थ्य कर्मी उमेश का घरेलू विवाद है। जिसका वाद सिविल न्यायालय में विचाराधीन है। बिल्हौर तहसील के किसी भी पटल पर उक्त दोनों पक्षों के कोई केस लंबित नहीं है। दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने के आदेश जारी किए हैं। तहसील परिसर में इस तरह की घटना गैर कानूनी है इसलिए पुलिस ने रेखा और उमेश दोनों पर शांति भंग की कार्रवाई की है।