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बेहमई कांड ः कल संभव है फैसला

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कानपुर देहात। चर्चित बेहमई कांड में गुरुवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट में लिखित बहस और हाईकोर्ट की कुछ रूलिंग दाखिल कर दी है। कोर्ट 18 जनवरी को फैसला सुना सकती है।
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14 फरवरी 1981 को डकैत फूलन देवी और उसके गिरोह ने बेहमई गांव में धावा बोलकर जगन्नाथ सिंह, तुलसीराम, सुरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, लाल सिंह, रामाधार सिंह, वीरेंद्र सिंह, शिवराम सिंह, रामचंद्र सिंह, शिव बालक सिंह, नरेश सिंह, दशरथ सिंह, बनवारी सिंह, हिम्मत सिंह, हरिओम सिंह, हुकुम सिंह समेत 20 लोगों की हत्या कर दी थी। जिंटर सिंह, वकील सिंह, देव प्रयाग, कृष्ण स्वरूप, गुरुमुख सिंह और रघुवीर सिंह गोली लगने से घायल हो गए थे। बेहमई गांव निवासी राजाराम सिंह ने फूलन देवी समेत 35-36 डकैतों के खिलाफ थाना सिकंदरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह सामूहिक नरसंहार देश भर में सुर्खियों में रहा था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही फूलनदेवी समेत कई डकैतों की मौत हो चुकी है। मामले की सुनवाई सुधीर कुमार विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र (एंटी डकैती) की कोर्ट में चल रही है। छह जनवरी को अभियोजन ने अदालत के फैसला सुनाने की संभावना जताई थी। अभियुक्त पोसा को पुलिस सुरक्षा में जेल से कोर्ट लाया गया था। जमानत पर चल रहे अभियुक्त विश्वनाथ उर्फ पुतानी उर्फ कृष्ण स्वरूप, भीखा, श्याम बाबू कोर्ट में पेश हुए थे।
भीखा और विश्वनाथ के अधिवक्ता गिरीश नारायन दुबे ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा था कि उनकी ओर से लिखित बहस और उच्च न्यायालय की कुछ रूलिंग कोर्ट में पेश की जानी है। इस पर कोर्ट ने लिखित बहस व रूलिंग दाखिल करने के लिए 16 जनवरी का समय दिया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे ने बताया कि गुरुवार को कोर्ट में लिखित बहस व रूलिंग दाखिल कर दी गई है। इसमें कहा गया है कि रिपोर्ट में घटना के दौरान 80-90 घरों में लूट की बात कही गई थी। पुलिस किसी भी डकैत से लूट का सामान बरामद नहीं कर सकी थी। 20 डकैतों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कुछ ग्रामीणों से जेल में डकैतों की शिनाख्त कार्यवाही (चेहरा देखकर अभियुक्त को पहचानना) कराई थी। तब ग्रामीणों ने किसी को चेहरे से नहीं पहचाना था। बाद में कोर्ट में गवाहों ने अभियुक्तों के नाम लेकर घटना में शामिल होने की बात कही थी। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजू पोरवाल ने बताया कि कोर्ट 18 जनवरी को फैसला सुनाएगी।
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