घटना स्थल से साक्ष्य जुटाती फॉरेंसिक टीम।
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शिवली (कानपुर देहात)। कोतवाली के इंदिरा नगर गांव से लापता छह वर्षीय बालक की हत्या कर दी गई है। उसका शव गांव से दो किलो मीटर दूर गड्ढे में दफन मिला। कुत्तेे गड्ढे से मिट्टी खोदकर शव को बाहर खींचने की कोशिश रहे थे। ग्रामीणों ने यह देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मिट्टी हटवा कर शव बाहर निकलवाया। बालक के माता-पिता ने कपड़ों से उसकी पहचान की। गड्ढे के बाहर खून लगा हुआ बालक का अंडरवियर और चप्पल पड़ी मिली। बालक से कुकर्म की आशंका भी जताई गई है।
हरिहर नाथ यादव का बेटा आनंद उर्फ सचिन (6) 21 नवंबर को लापता हो गया था। वह पिता के साथ गांव में ही राम मूर्ति कुशवाहा के यहां तिलक समारोह में शामिल होने गया था। वहां से अकेला ही घर के लिए निकला था, लेकिन घर नहीं पहुंचा था। वह गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा दो में पढ़ता था। पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर बच्चे की तलाश कर रही थी। मंगलवार को इंदिरानगर गांव में चर्चा हुई कि दो किलोमीटर दूर मांडा तिलयानी गांव के ऊसर में एक बबूल के पेड़ पास गड्ढे में शव दफन है। उसे कुत्ते मिट्टी हटाकर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। सीओ रामशरण सिंह, कोतवाल भूपेंद्र राठी मैथा, बाघपुर,
औनहा, भाऊपुर पुलिस चौकी का फोर्स लेकर पहुंचे। म्टिटी हटवाकर शव को बाहर निकाला गया। शव काफी पुराना होने की वजह से कंकाल हो गया था। कपड़ों से पिता हरिहरनाथ और चाचा संजय ने शिनाख्त आनंद उर्फ सचिन के रूप में की। फील्ड यूनिट टीम ने साक्ष्य संकलित किए। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को उठाकर पूछताछ शुरू की है। कोतवाल ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शव देख बिलखने लगे परिजन
आनंद उर्फ सचिन का शव गड्ढे से बाहर निकाले जाने के बाद मां चंदावती बेसुध हो गई। बहन प्रियंका, नेहा, भाई विक्की बिलखने लगे। भाई, बहन और मां को रोते देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
ढाबे ही खंगालती रही पुलिस
लापता होने के बाद एसपी अनुराग वत्स ने पुलिस को आनंद उर्फ सचिन को ढूंढने के सख्त निर्देश दिए थे। पुलिस हाईवे के ढाबों और होटलों में छानबीन कर उसकी तलाश करती रही। कई जिलों में छानबीन के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस की जांच केवल बच्चे को अगवा कर बेचने पर ही केंद्रित रही।