कानपुर देहात जिले में पुलिस की गिरफ्त में फर्जी दरोगा। अमर उजाला
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कानपुर देहात। फर्जी दरोगा बनकर ट्रांसपोर्टर से दस हजार रुपये मांगने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने वाले मोहम्मद नसीम को अकबरपुर पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। नसीम के पास से धमकी में प्रयुक्त मोबाइल और सिम भी पुलिस ने बरामद किया है। फर्जी दरोगा को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
गोरखपुर के राम जानकी नगर वसारतपुर निवासी मारकंडेय सिंह ट्रांसपोर्टर हैं। उनका एक ट्रक चार सितंबर को गिट्टी लादकर झांसी से गोरखपुर जा रहा था। उसी दिन मारकंडेय सिंह को एक व्यक्ति ने फोन किया। अपने को कानपुर देहात में तैनात सब इंस्पेक्टर बताते हुए कहा कि उनके ट्रक ने चकरपुर मंडी सचेंडी में दुर्घटना हो गई है। सचेंडी पुलिस की सूचना पर अकबरपुर (कानपुर देहात) पुलिस ने ट्रक पकड़ लिया है। वह मामले की जांच कर रहा है। मामले को निपटाना है तो दस हजार रुपये बताए गए बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में डाल दो।
फर्जी सब इंस्पेक्टर ने ऐसा न करने पर उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। बकौल मारकंडेय सिंह उन्होंने ट्रक चालक महाराजगंज निवासी राजू को फोन किया। उसने ट्रक और खुद के सही सलामत होने की बात कही। बताया कि वह फैजाबाद पहुंच गया है। इसके बाद भी उन्हें राजू की बातों पर यकीन नहीं हुआ। वह फर्जी दरोगा के बताए बैंक खाता नंबर में दस हजार रुपये ई-बैकिंग के जरिए ट्रांसफर करने को राजी हो गए। पैसा खाते में ट्रांसफर करने में दो घंटे का वक्त लगा। इस बीच आरोपी उसे और उसकी बेटी को कई बार फोन करके धमकी देता रहा। इससे वह परेशान हो गया। तब पुलिस अफसरों से इसकी शिकायत की। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि मारकंडेय सिंह के भांजे विवेक सिंह की तरफ से अकबरपुर थाने में धोखाधड़ी, अवैध वसूली और धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मारकंडेय सिंह को किए गए मोबाइल नंबर के सहारे पुलिस टीम ने बाबूपुरवा (कानपुर नगर) ढकनापुरवा ट्रांसपोर्ट नगर निवासी मोहम्मद नसीम को उसके घर से दबोच लिया।
पहले भी जेल जा चुका है
मोहम्मद नसीम दादा नगर में एक पेंट फैक्ट्री में नौकरी करता है। वह खुद को दरोगा बताकर ट्रांसपोर्टरों से वसूली करता है। इसी साल नौ जुलाई को तत्कालीन अकबरपुर थाना प्रभारी ऋषिकांत शुक्ला ने उसे गिरफ्तार किया था। हर बार मोहम्मद नसीम खुद को कानपुर देहात में तैनात दरोगा बताता है। पहले मामले में उसने ट्रक मालिक से दुर्घटना का मामला दबाने के लिए चार हजार रुपये मांगे थे। पुलिस के मुताबिक मोहम्मद नसीम शातिर है। उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं।