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ग्राम प्रधान व भाजपा नेता समेत 33 पर रिपोर्ट दर्ज

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रूरा। थाने में घुसकर मारपीट करने के मामले में रविवार को अमौली ठकुरान के प्रधान धर्मेंद्र सिंह उर्फ संजू सिंह, भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री निखिल सिंह, भूरे तिवारी और 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है। वहीं, तीन लोगों को शांति भंग की धारा में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थानाप्रभारी के मुताबिक, पुलिस कर्मियों ने मोबाइल से हंगामे के दौरान वीडियो बनाया है, उसे देखकर बवाल करने वालों को पहचान की जाएगी।
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शनिवार की देर रात अमौली ठकुरान गांव के पास झींझक रोड पर अमौली के प्रधान धर्मेंद्र सिंह और खम्हैला गांव के चार युवकों के बीच मारपीट हो गई थी। ग्राम प्रधान ने चारों युवकों पर जेसीबी चालक आलोक कुमार को मारपीट कर 25 हजार रुपये लूटने का आरोप लगाया था। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस चारों युवकों व ग्राम प्रधान को थाने ले आई थी। थाने में युवकों के लूट का आरोप झूठा बताने पर प्रधान व उनके समर्थक भड़क गए। उन लोगों ने युवकों की थाने में पिटाई शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी।
इधर, पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने थाने पहुंचकर मामला शांत कराया था। इसके बाद पुलिस ने प्रधान व चारों युवकों को पकड़ लिया था। थाना प्रभारी सैयद मोहम्मद अब्बास ने बताया कि ग्राम प्रधान धर्मेंद्र सिंह उर्फ संजू सिंह, भाजपा युवा मोर्चा के नेता निखिल सिंह, भूरे तिवारी व 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। भूरे तिवारी की तलाश की जा रही है। वहीं खम्हैला गांव के रितिक, शिब्बू अग्निहोत्री, अक्षत त्रिपाठी व संजय दुबे को शांतिभंग की धारा में गिरफ्तार किया गया है। ।
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यह पहला मामला नहीं है जब रूरा थाना पुलिस को मात खानी पड़ी। इसके पहले भी वाहन चेकिंग के दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष रजोल ने समर्थकों के साथ पुलिसकर्मियों से बदसलूकी की थी। तब भी लोग हंगामा कर रहे थे। पुलिस वाले हाथ पर हाथ धरे बैठे थे। शनिवार की रात भी रूरा थाने में कुछ ऐसा ही हुआ। दोनों पक्ष थाना परिसर में ही आपस में लात-घूंसे चलाते रहे। पुलिस वालों से धक्का-मुक्की भी की। इसके बाद भी पुलिस वाले एक्शन में नहीं आए। किसी ने हंगामा कर रहे लोगों को थाने से बाहर खदेड़ने की कोशिश नहीं की। कई पुलिसकर्मी मोबाइल से वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। यदि पुलिस पहले मामले में सख्ती से कार्रवाई करती, तो शायद शनिवार को घटना की पुनरावृत्ति नहीं होती।
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