ठंड से बचाने के लिए बच्चे को कंबल ओढ़ाकर ले जाती महिला।
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कानपुर देहात। सोमवार की रात से ठंड का प्रकोप बढ़ने से लोग ठिठुरने लगे। मंगलवार की सुबह हल्की धूप के बाद फिर बादल छा गए। शीत लहर चलने से गलन बढ़ गई। इससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। न्यूनतम पारा आठ डिग्री पर पहुंच गया।
12 दिसंबर से अचानक मौसम का मिजाज बदलने लगा था। ठंड का प्रभाव बढ़ता जा रहा। बारिश थम जाने के बाद बादल और शीत लहर का प्रकोप जारी है। मंगलवार को न्यूनतम पारा आठ डिग्री पर आ जाने से गलन बढ़ गई। इससे लोगों को परेशानी होने लगी। सुबह लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया। स्कूली बच्चे भी ठंड में ठिठुरते दिखे। हल्की धूप निकलने के बाद फिर मौसम खराब हो गया।
राजेश कुमार, पंकज मिश्र, राजेंद्र कुमार प्रजापति, योगेश तिवारी, विजय कुमार ने बताया कि उनको मजबूरी में अपने काम से घरों से निकलना पड़ा। हाड़ कपाऊ ठंड के कारण सीने में दर्द होने लगा। रास्ते में अलाव जलता मिलने पर आग तापने से राहत मिली। दिनभर ठंड से लोगों को परेशानी होती रही। बुजुर्गों के लिए ठंड परेशानी का सबब बन गई।
ठंड में बच्चों और बुजुर्गों को खास तरीके से बचाव करने की जरूरत है। हार्ट के मरीजों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अकबरपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. आईएच खान ने बताया कि ठंड से बच्चों को विशेष रूप से बचाएं। उनको गर्म कपड़ों से पूरी तरह ढक कर रखें। बुजुर्ग बिना जरूरी काम के घर से न निकलें। घर से निकलने पर उपयुक्त गर्म कपड़े पहने। पूरा बदन ढका रहे। ठंड में रक्तचाप पर प्रभाव पड़ता है। हार्ट अटैक की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। सांस के मरीजों को भी बचाव करने की आवश्यकता है। आग तापते समय धुएं से बचाव करें। बच्चों को आग के पास तभी बैठने दें जब परिवार के लोग बैठे हों। कमरा गर्म करने के लिए बिजली के उपकरण प्रयोग करने में सावधानी बरते। रूम हीटर चलाते समय कमरें की सभी खिड़कियां बंद न करें। सोते समय रूम हीटर न चलाएं। कमरे के अंदर आग जलाकर न रखें।