शिवली। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन नमामि गंगे ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग की टीम ने रविवार को मैथा ब्लॉक की छह ग्राम पंचायतों में हैंडपंपों के पानी की गुणवत्ता जांची। टीम को पानी में फ्लोराइड, नाइट्रेट व टीडीएस ज्यादा और क्लोराइड की मात्रा कम मिली।
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन लखनऊ से आई टीम ने रविवार को टोडरपुर, बाघपुर, मलिकपुर, रास्तपुर, फत्तेपुर, निहुटा ग्राम पंचायतों में सरकारी हैंडपंपों के पानी की जांच की।
टीम प्रभारी रामशरण ने बताया कि बाघपुर गांव के पानी में फ्लोराइड की अधिकता पाई गई। मलिकपुर गांव के पानी में नाइट्रेट की अधिकता निकली। टोडरपुर में क्लोराइड अधिक मात्रा में पाया गया।
फत्तेपुर गांव के पानी की जांच में टीडीएस की अधिकता पाई गई। निहुटा गांव में टीडीएस व फ्लोराइड अधिक मिला। रास्तपुर में क्लोराइड की कमी पाई गई। बताया कि पानी में क्लोराइड की मात्रा 250 से 1000 मिलीग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए।
इसकी कमी होने से सिर दर्द, पेट में ऐंठन, मांस पेशियों में कमजोरी, शरीर में सुस्ती व थकान महसूस होती है। क्लोराइड पाचन क्रिया को ठीक रखता है। इस मौके पर प्रधान किरन देवी, राजा बाबू अग्निहोत्री, सदस्य मोहम्मद हमीद, जिला समंवयक सक्षम प्रताप, नरेंद्र तिवारी, अशोक, राधेश्याम, मनीष आदि मौजूद रहे।