इस दौरान संरक्षित मवेशी जान बचाने के लिए भागता रहा। गांव के बाहर स्थित तालाब के पास गिरकर कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी समर बहादुर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के बाद दरोगा मंजीत दयाल व दिनेश भारती को मौके पर जांच के लिए भेजा गया था।
मवेशी के शव का डॉ. ज्योति यादव से पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे दफना दिया गया है। दरोगा मंजीत दयाल की तहरीर पर गांव के गोविंद, अरविंद, रविंद, लंबू, छोटू समेत 12 लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।