कानपुर देहात में रसूलाबाद थानाक्षेत्र के जोत गांव में ननिहाल न ले जाने व मां के डांटने से नाराज छात्रा ने बुधवार को फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जोत गांव निवासी अमित मिश्रा के परिवार में पत्नी पंकज, बेटी खुशी (16), बेटा सुमित और मां रामदेवी हैं। अमित लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करते हैं। खुशी सजावारपुर स्थित एक विद्यालय में इंटर की छात्रा थी।
परिजनों के अनुसार मंगलवार शाम को पंकज अपने मायके रसूलाबाद में आयोजित छठी कार्यक्रम में बेटे सुमित के साथ जाने लगी तो खुशी ने भी साथ चलने की जिद की। इस पर पंकज ने उसे डांटा और घर पर ही रहने को कहा। इससे दुखी होकर खुशी ने कमरे लगे पंखे के कुंडे में धोती से फंदा लगा लिया। काफी देर तक खुशी के न दिखने पर घर में मौजूद दादी रामदेवी कमरे में पहुंचे तो उसे फंदे से लटका देखा। रामदेवी ने इसकी सूचना पंकज को दी। इस पर पंकज मायके से लौट आई। वहीं, सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की। थाना प्रभारी सुरजीत सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्राथमिक जांच में मां की ओर से डांटने से दुखी होकर जान देने की बात सामने आई है।