सरवनखेड़ा। गजनेर के दिलावलपुर गांव में खेत को छुट्टा मवेशी से फसल बचाने के लिए कटीले तार लगाए गए थे। शनिवार की सुबह उन कटीले तारों पर बिजली का तार टूटकर गिर गया। जिससे कटीले तार में फैले करंट फैल गया। इससे किसान की करंट के चपेट में आकर मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर जांच की। बिजली विभाग के अधिकारियों ने मृतक की पत्नी को दो लाख का चेक दिया।
दिलावल गांव के कैलाश का बेटा अनुराग (35) शनिवार की सुबह घर से खेत पर पानी लगाने के लिए निकला था। खेत पर पहुंचकर अनुराग ने कटीले तारों को हटाकर अंदर जाने के लिए प्रयास किया। तारों को छूते वह करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर मौत हो गई। आस-पास खेतों में काम कर रहे अन्य किसानों को इसकी जानकारी हुई। बिजली विभाग को सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई गई।
घटना की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के पिता ने बताया कि कटेठी गांव के लिए जाने वाली विद्युत लाइन जर्जर हो चुकी है। उसी का तार टूटकर खेत में लगे कटीले तारों पर गिर गया। कैलाश के नाम करीब आठ बीघा खेत है। जिसमें चार बीघा में धान की फसल लगाई है। इसमें पानी लगाने के लिए अनुराग गया था। बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
तहसीलदार ऋषिकांत राजवंशी भी पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया। तहसीलदार के बुलाने पर बिजली विभाग के अवर अभियंता इंद्रजीत पंडित मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक की पत्नी पुष्पा को तत्काल दो लाख की चेक देकर आर्थिक सहायता की। बताया कि 15 दिनों के अंदर तीन लाख रुपये और दिए जाएंगे। थाना प्रभारी शशिभूषण मिश्रा ने बताया की किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार ऋषिकांत राजवंशी ने बताया कि मामले की रिपोर्ट एसडीएम को भेजी जा रही है।