कानपुर देहात। घाटमपुर क्षेत्र के एक गांव में छह साल पहले घर में खेल रही मासूम से दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने शुक्रवार को दोषी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राम रक्षित शर्मा व विकास सिंह ने बताया कि घाटमपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि वह पत्नी के साथ 27 फरवरी 2017 को विवाह कार्यक्रम में फर्रुखाबाद गया था।
घर पर उसकी छह साल की बेटी, छोटी बहू व भांजी थे। एक मार्च 2017 की दोपहर बहू व भांजी बेटी को घर पर खेलता हुआ छोड़कर डॉक्टर के पास गई थीं। उसी समय गांव का मूसेपाल घर में घुस आया और बेटी के साथ दुष्कर्म किया।
मामले में पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया था। इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 13 पॉक्सो बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही थी।
शुक्रवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मूसेपाल को दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन के नौ गवाहों ने घटना को किया साबित
सहायक शासकीय अधिवक्ता राम रक्षित शर्मा ने बताया कि अभियोजन की ओर से मामले में वादी मुकदमा व पीड़िता समेत नौ गवाह अदालत में पेश किए गए थे। इन सभी गवाहों ने घटना को साबित किया। पीड़िता के बयान व उसके चिकित्सीय रिपोर्ट दोषी को सजा दिलाए जाने का मुख्य आधार बनी। वहीं, बचाव पक्ष ने घटना को झूठा साबित करने के लिए दो गवाहों को पेश किया था। इन्होंने अपने बयानों में रुपयों के लेन देन के विवाद में दोषी को मामले में झूठा फंसाने की बात कही थी। इन गवाहों से अभियोजन की ओर से जिरह की गई तो रुपयों की लेनदेन की बात साबित नहीं कर सके। न ही उक्त संबंध में कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर सके थे।