मानने को तैयार नहीं कि बेटी ऐसे हाल में छोड़ देगी
बुजुर्ग वार्ड में लावारिस लेटे रहे। उन्हें उम्मीद थी कि बेटी और दामाद दवा लेकर जल्द वापस आ जाएंगे। डॉक्टर या नर्स उनसे साथ के तीमारदार के बारे में पूछती तो वह कहते आते होंगे, दवा लेने गए हैं। जब काफी देर तक दोनों नहीं आए, तो लोगों ने टोका। कहा लगता है काशी वाली वृद्धा की तरह तुम्हें भी छोड़कर चले गए। वह गुस्से में चीख पड़े, बोले मेरी बेटी और दामाद बहुत अच्छे हैं।
बुजुर्ग को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया
दवाई पास में नहीं मिली होगी, तो लेने दूर चले गए होंगे। हालांकि ये कहते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। इसके बाद डॉक्टरों ने काफी देर तक इंतजार किया। जब बेटी दामाद नहीं लौटे, तो डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज देने के बाद पुलिस को सूचना दी। हालात गंभीर होने की बात कहते हुए बुजुर्ग को हैलट रेफर कर दिया। बिधनू इंस्पेक्टर जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गोविंदनगर पुलिस को मामले की जानकारी देने के साथ ही बुजुर्ग को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।