नवंबर 2023 में शुरू कराया था निर्माण
इस रेलवे लाइन का फाटक रोज औसतन साढ़े तीन घंटे बंद रहता है, जिसकी वजह से लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए इंतजार करना पड़ता था। इसके मद्देनजर दादानगर पुल के समानांतर पुल बनवाने का फैसला हुआ। सेतु निगम ने नवंबर 2023 में इसका निर्माण शुरू कराया। निर्माण के लिए खोदाई शुरू कराते ही जल निगम की मुख्य पाइपलाइन (राइजिंगमेन) आड़े आ गई।
तीन महीने काम करना पड़ा था बंद
गंगा बैराज से दक्षिणी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति करने वाली इस पाइपलाइन को शिफ्ट किया गया। पिछले साल निर्माण करीब 50 प्रतिशत ही हो पाया था, तभी निर्माणाधीन पुल के समानांतर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने भी एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक के लिए निर्माण शुरू करा दिया, जिसकी वजह से सेतु निगम को तीन महीने काम बंद करना पड़ा था। फरवरी में तेजी से कार्य शुरू किया, जिसे 30 जून को पूरा कर लिया गया।
पुल चालू होने से गुजैनी, दबौली वालों को मिलेगी राहत
दादानगर समानांतर पुल चालू होने से रतनलालनगर, गुजैनी, दबौली, तात्याटोपेनगर रविदासपुरम, तात्यापोटेनगर, बर्रा, विश्वबैंक, दादानगर, मेहनबान सिंह का पुरवा, जरौली फेज-1, जरौली फेज-2, सेन पश्चिम पारा, कैंधा, खाड़ेपुर आवागमन करेंगे। इससे गोविंदपुरी पुराने पुल और गोविंदपुरी समानांतर पुल पर यातायात का दबाव कम हो जाएगा। तब इस पुल से आवागमन करने वालों को भी राहत मिलेगी।
दादानगर समानांतर पुल का निर्माण पूरा हो गया है। सेतु निगम के मैकेनिकल सेक्शन ने पुल पर रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। -विजय कुमार सेन, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम
सेतु निगम द्वारा लगाए गए बोर्ड
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