गैस सिलिंडर लेने के लिए लगी लोगों की लाइन
- फोटो : amar ujala
कानपुर गैस संकट के बीच एलपीजी वितरण व्यवस्था की बड़ी खामी सामने आई है। जिले में करीब 60 हजार उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर मृतक के नाम पर हैं। केवाईसी भी अपडेट न होने से गैस बुकिंग के बाद डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) नहीं पहुंच रहा। इससे उपभोक्ता एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और कई स्थानों पर हंगामे की स्थिति बन रही है। जिले में करीब 11.20 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं।
हाल के दिनों में गैस की किल्लत के चलते बुकिंग में अचानक वृद्धि हुई और एक सप्ताह में तीन लाख से अधिक बुकिंग दर्ज की गई। गैस एजेंसियों ने बिना डीएसी के सिलिंडर देने से इन्कार कर दिया, तो उपभोक्ता एजेंसी पहुंचकर जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। इसके बाद यह पता चला कि कई कनेक्शन ऐसे हैं जिनके धारकों की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन परिजनों ने न तो केवाईसी अपडेट कराई गई और न ही मोबाइल नंबर बदला।
जेके मंदिर मार्ग स्थित श्री भागवत गैस एजेंसी में लगी उपभोक्ताओं की लाइन
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एजेंसियों के बाहर लग रही है ज्यादा भीड़
करीब पांच लाख उपभोक्ताओं की केवाईसी पहले अपडेट नहीं थी। गैस संकट के बाद बीते 20 दिनों में दो लाख से अधिक लोगों ने ई-केवाईसी कराई लेकिन बड़ी संख्या में लोग अब भी दिक्कत झेल रहे हैं। एजेंसियों के बाहर इन दिनों मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। एलपीजी गैस वितरण संघ अध्यक्ष भारतीष मिश्रा ने बताया कि हजारों लोगों ने केवाईसी अपडेट या फिर मोबाइल नंबर नहीं बदलवाया था, इस कारण एजेंसियों के बाहर ज्यादा भीड़ लग रही है।