फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: 1.27 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड महाराष्ट्र से गिरफ्तार, नोएडा में खरीदा था 54 लाख का सोना

Sun, 24 May 2026 01:39 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: नजीराबाद थाना क्षेत्र के आरके नगर अशोक नगर निवासी ट्रांसपोर्टर मोकम सिंह से अगस्त 2025 में हुई 1.27 करोड़ रुपये की साइबर ठगी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी महाराष्ट्र के पालघर निवासी मेराज अहमद को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
मुख्य आरोपी मेराज - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। नजीराबाद थाना क्षेत्र के एक ट्रांसपोर्टर से हुई 1.27 करोड़ रुपये की सनसनीखेज ठगी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र के पालघर से दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसमें ठगी की रकम से नोएडा में भारी मात्रा में सोना खरीदने की बात सामने आई है।

विज्ञापन

क्या है पूरा मामला?

मामला अगस्त 2025 का है, जब नजीराबाद थाना क्षेत्र के आरके नगर (अशोक नगर) निवासी मशहूर ट्रांसपोर्टर मोकम सिंह साइबर ठगों के जाल में फंस गए थे। शातिर ठगों ने डिजिटल हेराफेरी के जरिए उनके खाते से 1.27 करोड़ रुपये पार कर दिए थे। इस बड़ी वारदात के बाद शहर के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। पुलिस कमिश्नरेट कानपुर की क्राइम ब्रांच और नजीराबाद पुलिस तभी से इन आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

पालघर से दबोचा गया मास्टरमाइंड 'मेराज'

पुलिस उपायुक्त क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि ठगी की इस वारदात में शामिल एक आरोपी अरशद अंसारी को पुलिस ने इसी साल मार्च 2026 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, गिरोह का मुख्य सरगना मेराज अहमद निवासी पालघर, महाराष्ट्र लगातार फरार चल रहा था। सर्विलांस और सटीक मुखबिरी के आधार पर कानपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने महाराष्ट्र में दबिश दी और शनिवार को मेराज अहमद को धर दबोचा। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लेकर आई है।

70 लाख फ्रीज, बाकी का खरीदा गया सोना

इस मामले में पुलिस की तत्परता ने ट्रांसपोर्टर की एक बड़ी रकम डूबने से बचा ली। डीसीपी क्राइम ने खुलासा किया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए ठगों के खातों में मौजूद 70 लाख रुपये फ्रीज करा दिए थे। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी मेराज ने कबूला कि बाकी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए उसने शातिर योजना बनाई थी। उसने 54 लाख रुपये अमर तिवारी नाम के एक युवक के खाते में ट्रांसफर किए थे। इस मोटी रकम का उपयोग नोएडा के एक नामी ज्वेलर से सोना खरीदने में किया गया था। पुलिस अब उस सोने की रिकवरी और अमर तिवारी की भूमिका की जांच कर रही है।

विज्ञापन

डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर हुई थी ठगी

सूत्रों की मानें तो मोकम सिंह को निवेश के नाम पर लुभाकर या 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी किसी तकनीक का डर दिखाकर निशाना बनाया गया था। मेराज अहमद महाराष्ट्र में बैठकर इस पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था। वह फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) का इंतजाम करता था और ठगी गई रकम को तुरंत अलग-अलग लेयर्स में ट्रांसफर कर देता था ताकि पुलिस की पकड़ में न आए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें