फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: पुलिस का ऑपरेशन ‘CY-वज्र’, निवेश के नाम पर 36 करोड़ की ठगी करने वाले दो शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार

Thu, 23 Jul 2026 06:42 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने ऑपरेशन 'CY-वज्र' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए निवेश के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में करीब 36 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन, बैंक खातों के दुरुपयोग और साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क से जुड़े अहम साक्ष्य मिले हैं।
विज्ञापन
ठगी करने वाले शातिर साइबर अपराधी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराध और डिजिटल ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘CY-वज्र’ के तहत एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शेयर बाजार और आकर्षक रिटर्न वाले निवेश के नाम पर निर्दोष लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले अंतर्राष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 02 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन
Trending Videos

प्राथमिक जांच और पुलिसिया पड़ताल में लगभग 36 करोड़ रुपये के संदिग्ध और अवैध लेन-देन का खुलासा हुआ है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी बैंक खाते, डिजिटल डिवाइस और गिरोह के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

निवेश के नाम पर देते थे मोटा मुनाफा

पकड़े गए साइबर ठग बेहद शातिराना तरीके से अपना जाल बिछाते थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह आम नागरिकों और निवेशकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फर्जी मैसेजिंग ऐप्स के जरिए निशाना बनाता था।

जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : amar ujala
आरोपियों द्वारा शिकार को कम समय में निवेश का कई गुना रिटर्न देने का लालच दिया जाता था। शुरुआत में लोगों का विश्वास जीतने के लिए फर्जी स्क्रीनशॉट और फर्जी वेबसाइट्स पर झूठा मुनाफा दिखाया जाता था। जब पीड़ित बड़ी रकम निवेश कर देते थे, तो आरोपी उन खातों को ब्लॉक कर पूरा पैसा हड़प लेते थे।

36 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन आया सामने

कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी टीम ने गिरोह के बैंक खातों की जांच की तो दंग रह गई। प्रारंभिक जांच में अब तक लगभग 36 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के प्रमाण मिले हैं।

आरोपी ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग शेल कंपनियों और फर्जी नाम से खोले गए बैंक खातों  में ट्रांसफर कर देते थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके। बरामद किए गए डिजिटल उपकरणों और मोबाइल फोन्स की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे इस नेटवर्क की गहराई का पता लगाया जा सके।

साथियों की तलाश तेज, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

पुलिस आयुक्त के कुशल निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन ‘CY-वज्र’ से देश भर में फैले इस गिरोह को बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस की विशेष टीमें गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों, बैंक खाता मुहैया कराने वाले दलालों और मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।

विज्ञापन





पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवेचना जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, ठगी का यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें