विभिन्न छोटे फलों में ये हैं शामिल
इसके साथ ही चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि किसानों को इन फलों का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए भी जागरूक कर रहा है। उद्यान संकाय के अधिष्ठाता और निदेशक प्रसार प्रोफेसर वीके त्रिपाठी का कहना है कि विभिन्न छोटे फलों में फालसा, लोकाट, करौंदा, मैंगोस्टीन, जंगल जलेबी, कमरख, बेल, कैथा, बारबाडोस चेरी और लसोड़ा आदि प्रमुख हैं। बारबाडोस चैरी विटामिन का धनी स्रोत है।
कुपोषण, एनीमिया आदि रोगों में मिलेगा फायदा
जामुन शरीर में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करता है। करौंदा आयरन की मात्रा बढ़ाता है। लसोड़ा से गुणों से भरपूर अचार तैयार करते हैं। अलायंस आफ बायो डायवर्सिटी के कंट्री डायरेक्टर डॉ. जयचंद राणा के मुताबिक इन फलों की तरफ फिर से लौटने के लिए प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। इनकी पौष्टिक गुणवत्ता बहुत उच्च श्रेणी की होती है। ये फल लोगों को आसानी से मिल जाते हैं और विशुद्ध जैविक होते हैं। इससे कुपोषण, एनीमिया आदि रोगों में फायदा मिलेगा।
अभी ये फल कम क्षेत्रफल में पैदा हो रहे हैं। इनके विभिन्न उपयोग और विशिष्ट गुणों के कारण इनकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए उपयोग एवं उत्पादन तकनीक का भी निर्धारण किया जाना है। सीएसए के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों पर भी रोपण के साथ प्रशिक्षण भी दिए जाने की योजना है। -प्रो. वीके त्रिपाठी, अधिष्ठाता उद्यान संकाय एवं निदेशक प्रसार