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प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यह बिल छात्र हितों के खिलाफ है और यदि इसमें संशोधन नहीं किया गया तो आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर फैलाया जाएगा। छात्र नेता अभिजीत राय ने कहा कि यह एक काला कानून है, जो कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भेदभाव को बढ़ावा देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल छात्रों को जाति के आधार पर बांटने का काम करेगा, जिससे छात्र एकता कमजोर होगी।