कोर्ट ने वीरेंद्र को हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई
शिवसिंह ने पिता के खिलाफ नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने बताया कि अभियोजन की ओर से 10 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। वादी मुकदमा बेटे, मृतका की बहन व पिता के अलावा मकान में किराये पर रहने वाली महिला ने भी गवाही दी थी। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने वीरेंद्र को हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई।
बेटे ने पुलिस को दी थी सूचना...पिता ने कर दी मां की हत्या
शारदा के 20 वर्षीय बेटे शिवसिंह ने चश्मदीद गवाह के रूप में गवाही दी। उसने अपनी आंखों के सामने हत्या होने की बात कोर्ट को बताई। उसी ने डायल 100 पर हत्या की सूचना दी थी और पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मकान में रहने वाली किरायेदार अनीता द्विवेदी ने भी बताया था कि शिवसिंह के चीखने की आवाज सुनकर वह भी पहुंची थी। उसने वीरेंद्र को भागते देखा था।
कोर्ट के कहने पर विशेष अधिवक्ता ने की बहस
मुकदमे में पैरवी के लिए वीरेंद्र के पास कोई अधिवक्ता नहीं थी। अदालत की ओर से उसे न्याय मित्र दिया गया था। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि वह अपने मुकदमे की सुनवाई के लिए जिला जज की अदालत में मौजूद थे। इसी दौरान मुकदमे में नियुक्त न्याय मित्र निशा सक्सेना का स्वास्थ्य खराब होने के चलते जिला जज ने उनसे मुकदमे में बहस करने को कहा। जिस पर उन्होंने विशेष अधिवक्ता के रूप में वीरेंद्र की ओर से मुकदमे में पक्ष रखा।