फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाहाकार: यहां से मरीज ले जाओ, न बेड है न ऑक्सीजन, हैलट और उर्सला वाले लौटा रहे मरीज

Sun, 25 Apr 2021 01:01 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

वार्ड ब्वॉय और डॉक्टरों से कई बार विनती की तो कुछ इंजेक्शन लगा दिए फिर डॉक्टरों ने कहा इन्हें यहां से लेकर जाओ। यहां ऑक्सीजन नहीं है और न ही बेड खाली है।
विज्ञापन
मो. सुबराती - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में नवाबगंज के भेड़ीखाना निवासी मो. सुबराती (58) एक पैर से विकलांग हैं। मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। 14 साल के बेटे शमद ने बताया कि पिता कई दिन से बुखार, खांसी से पीड़ित हैं। गुरुवार रात अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
विज्ञापन


शुक्रवार को कोविड कमांड सेंटर का नंबर मिलाया लेकिन उठा नहीं। उन्हें रिक्शे से हैलट ले गए। वहां किसी ने मरीज को देखा तक नहीं। वार्ड ब्वॉय और डॉक्टरों से कई बार विनती की तो कुछ इंजेक्शन लगा दिए फिर डॉक्टरों ने कहा इन्हें यहां से लेकर जाओ। यहां ऑक्सीजन नहीं है और न ही बेड खाली है। शनिवार को ज्यादा हालत खराब होने पर एंबुलेंस उर्सला लेकर गए। यहां भी वही जवाब मिला। अब सुबराती घर पर ही जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें