वार्ड ब्वॉय और डॉक्टरों से कई बार विनती की तो कुछ इंजेक्शन लगा दिए फिर डॉक्टरों ने कहा इन्हें यहां से लेकर जाओ। यहां ऑक्सीजन नहीं है और न ही बेड खाली है।
कानपुर में नवाबगंज के भेड़ीखाना निवासी मो. सुबराती (58) एक पैर से विकलांग हैं। मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। 14 साल के बेटे शमद ने बताया कि पिता कई दिन से बुखार, खांसी से पीड़ित हैं। गुरुवार रात अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
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शुक्रवार को कोविड कमांड सेंटर का नंबर मिलाया लेकिन उठा नहीं। उन्हें रिक्शे से हैलट ले गए। वहां किसी ने मरीज को देखा तक नहीं। वार्ड ब्वॉय और डॉक्टरों से कई बार विनती की तो कुछ इंजेक्शन लगा दिए फिर डॉक्टरों ने कहा इन्हें यहां से लेकर जाओ। यहां ऑक्सीजन नहीं है और न ही बेड खाली है। शनिवार को ज्यादा हालत खराब होने पर एंबुलेंस उर्सला लेकर गए। यहां भी वही जवाब मिला। अब सुबराती घर पर ही जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।