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Kanpur: 199.94 करोड़ से पक्का होगा सीओडी नाला, 26 वार्डों के आठ लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगी राहत, पढ़ें डिटेल

Fri, 12 Sep 2025 10:35 AM IST
हिमांशु अवस्थी मनोज चौरसिया, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जलभराव के निराकरण के लिए जिला व्यापार बंधु की जुलाई और अगस्त में हुईं विभिन्न बैठकों में व्यापारियों ने नाला पक्का करने का अनुरोध किया था। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने पांच जुलाई को कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित इस कच्चे नाले को पक्का कराने का अनुरोध किया, ताकि राजमार्ग को कटाव से बचाया जा सके।
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सीओडी नाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में 199.94 करोड़ रुपये से सीओडी नाला पक्का किया जाएगा। जल निगम की निर्माण इकाई सी एंड डीएस ने इसकी डीपीआर तैयार की है। शासन के आदेश के आदेश पर गठित समिति ने चालू वित्तीय वर्ष में 15वें वित्त आयोग की निधि से प्राप्त धन निर्माण कराने का फैसला लिया है। नगर निगम ने शासन की मुहर लगते ही से निर्माण कराने की योजना बनाई है। नाला पक्का होने से आठ लाख से ज्यादा लोगों को दुर्गंध, गंदगी और संक्रामक बीमारियों से राहत मिलेगी।

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दक्षिणी क्षेत्र के इस सबसे बड़े नाले के कच्चा होने, सफाई होते-होते पाट चौड़ा होने, बदबू, गंदगी आदि वजहों से आसपास के लोगों को दिक्कतें होती हैं। दो साल पहले क्षेत्रवासियों ने स्थानीय अफसरों से लेकर शासन तक शिकायत की पर नगर निगम और केडीए में खींचतान के चलते यह नाला न तो पक्का हो पाया और न ही इसे ढकने का बंदोबस्त हुआ। दोनों विभाग इस कार्य में होने वाला खर्च करने के लिए एक दूसरे विभाग के सिर ठींकरा फोड़ते रहे।

अर्बन फ्लड एवं स्टार्म वाटर योजना के तहत बनाई कार्ययोजना
दो साल पहले क्षेत्रवासियों ने एनजीटी में शिकायत की। एनजीटी ने समाधान के लिए कहा था। इसके बाद शासन की तरफ गठित समिति ने जल निगम की निर्माण इकाई सी एंड डीएस से इसके निर्माण की कार्ययोजना बनवाई। नगर निगम ने अर्बन फ्लड एवं स्टार्म वाटर योजना के तहत सीओडी नाले के निर्माण की कार्ययोजना बनाई। अधिकारियों के अनुसार सीओडी नाला किदवईनगर से राष्ट्रीय राजमार्ग में यशोदानगर बाईपास के पास तक 9.9 मीटर और वहां से पांडु नदी तक 11.70 मीटर चौड़ा और करीब साढ़े चार मीटर गहरा है।

सीओडी नाला - फोटो : amar ujala
पानी निकलने में तीन-चार घंटे लगते हैं
6200 मीटर लंबे यह नाला कच्चा है। मीरपुर मुख्य मार्ग और मेट्रो स्टेशन से लगा यह नाला पांडु नदी में गिरता है। इस नाले के माध्यम से 26 वार्डों का पानी निकलता है। नाला कच्चा और लेवल कई जगह सही न होने के कारण पानी का प्रवाह सही से नहीं होता जिससे बाबूपुरवा, बेगमपुरवा, किदवईनगर, ट्रांसपोर्टनगर, राखी मंडी, मुंशीपुरवा, नौबस्ता सहित अन्य क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव होता है। बारिश बंद होने के बाद पानी निकलने में तीन-चार घंटे लगते हैं।

व्यापारियों और एनएचएआई के परियोजना निदेशक भी कर चुके नाला पक्का करने का आग्रह
जलभराव के निराकरण के लिए जिला व्यापार बंधु की जुलाई और अगस्त में हुईं विभिन्न बैठकों में व्यापारियों ने नाला पक्का करने का अनुरोध किया था। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने पांच जुलाई को कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित इस कच्चे नाले को पक्का कराने का अनुरोध किया ताकि राजमार्ग को कटाव से बचाया जा सके।

ओवरफ्लो सीओडी नाला - फोटो : amar ujala
उफान पर होने पर पांडु नदी का पानी बैक फ्लो होकर नाले में आता है
बाढ़ के समय पांडु नदी से पानी बैक फ्लो होकर इस नाले में आता है। इससे मछरिया, राजीव विहार सहित विभिन्न मोहल्लों में जलभराव होता है। बैक फ्लो बहाव को रोकने के लिए फ्लड पंपिंग स्टेशन में आरसीसी चैनल के निर्माण कार्य का प्रावधान किया गया है। दावा है कि इससे जलभराव की समस्या न के बराबर होगी और सड़क की कटान भी रोकी जा सकेगी।
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सीओडी नाले को पक्का करने के लिए 199.94 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे नगर आयुक्त को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कराया जाएगा।  -सर्वेश कुमार वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर, सी एंड डीएस
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