सर्वे और प्लान को फिर से लागू किया जाएगा
इसके साथ ही पूर्व डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के समय किए गए सर्वे और प्लान को फिर से लागू किया जाएगा। उन प्लान में जरूरत अनुसार बदलाव भी किए जाएंगे ताकि लोगों को बेहतर यातायात की वजह से सफर करने में आसानी हो। वहीं, अगले तीन महीने तक हर दिन सभी पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों की बीट प्रभारी से डीसीपी तक के स्तर पर कामकाज की समीक्षा की जाएगी और देखा जाएगा कि ट्रैफिक सुधार के लिए उन्होंने कितना काम किया और उसके अनुसार आगे फैसले लिए जाएंगे।
चलेगा घर-घर कैमरा अभियान
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि लोगों को खासकर चौराहों और प्रमुख मार्गों पर रहने वालों को घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कैमरों की रिकाॅर्डिंग को आईटीएमएस से लिंक कर ट्रैफिक के साथ साथ क्राइम कंट्रोल में भी इस्तेमाल किया जाएगा।
चौराहों का फिर होगा सर्वे, जरूरत अनुसार बदलाव
रवीना त्यागी ने शहर के 18 प्रमुख चौराहों का सर्वे कराकर उनमें बदलाव के लिए प्लान तैयार किया था। टाटमिल और रामादेवी में कुछ काम हुए भी, लेकिन उनके तबादले के बाद यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़े। अब उन बदलाव के प्रस्तावों को परवान चढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर रीडिजाइन भी किया जाएगा।
स्टीयरिंग कमेटी की फिर से होंगी बैठकें
पूर्व सीपी बीपी जोगदंड के समय पुलिस मंडलायुक्त राजशेखर के साथ मिलकर एक स्टीयरिंग कमेटी बनाई गई थी। इसमें जिला प्रशासन, नगर निगम, केस्को व अन्य विभागों के अधिकारी भी सदस्य थे। जोगदंड और राजशेखर के तबादले के बाद इस कमेटी की बैठक ही नहीं हुई है। सीपी ने जल्द ही इसकी बैठक कराने के लिए भी निर्देश दिए। साथ ही रेहड़ी पटरी वालों को सड़क से हटाकर किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट कराने के लिए भी नगर निगम के साथ चर्चा की जाएगी।