क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहज्योरा गांव के रहने वाले श्रीमन तिवारी के दो बेटे, शैलेंद्र तिवारी उर्फ संतु (30) और नरेश तिवारी के बीच शनिवार रात किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। मृतक शैलेंद्र अविवाहित था। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि बात हाथापाई तक पहुँच गई। इसी दौरान पथराव शुरू हो गया और एक भारी पत्थर सीधे शैलेंद्र के सिर पर जाकर लगा। सिर से अधिक खून बहने के कारण वह मौके पर ही बेहोश हो गया।
अस्पताल पहुँचने से पहले ही थमी सांसें
घटना के बाद घर में हड़कंप मच गया। परिजन खून से लथपथ शैलेंद्र को लेकर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौबेपुर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद शैलेंद्र को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। गांव में भी इस घटना के बाद से भारी तनाव का माहौल बना हुआ है।
पुलिस की जांच और विरोधाभासी बातें
सूचना मिलते ही चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि, पुलिस की प्राथमिक जांच और ग्रामीणों की बातों में थोड़ा अंतर नजर आ रहा है। प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि मृतक शैलेंद्र तिवारी शराबी प्रवृत्ति का व्यक्ति था। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि वह पहले भी मानसिक तनाव या नशे के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास कर चुका था। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शैलेंद्र नशे की हालत में था और गिरने की वजह से उसे गंभीर चोट आई, जो मौत का कारण बनी।
तहरीर का इंतजार, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस मामले में परिजनों की ओर से कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। प्रभारी निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है ताकि शनिवार रात की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
गांव में सन्नाटा, परिजनों का बुरा हाल
सगे भाइयों के बीच हुए इस 'महाभारत' ने एक हंसते-खेलते परिवार को मातम में डुबो दिया है। गांव वालों का कहना है कि दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि शनिवार की रात शैलेंद्र की आखिरी रात साबित होगी। पुलिस बल गांव में एहतियातन गश्त कर रहा है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।