संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने की पहल
रावण का पुतला धराशायी हो गया। इसके बाद जोरदार आतिशबाजी के साथ रावण दहन किया गया, जिसे देखकर स्कूली बच्चे खुशी से झूम उठे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक आलोक शर्मा ने कहा कि आधुनिकता के दौर में बच्चों को अपनी भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और त्योहारों के वास्तविक महत्व से अवगत कराना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से हर साल विद्यालय में इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।