कानपुर में डेंगू जैसे लक्षणों से मासूम बेहाल हैं। हैलट में इनका इलाज डेंगू के आधार पर किया जा रहा है। जांच में रिपोर्ट निगेटिव निकल रही है। हैलट के बाल रोग विभाग में संचालित 22 बेड का पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) भर चुका है। एडिनो वायरस और रायनोवायरस बच्चों के लिए घातक साबित हो रहा है। रायनोवायरस मुख्य रूप से साधारण सर्दी-जुकाम के लिए जिम्मेदार होता है, जबकि एडिनो वायरस सर्दी-जुकाम के साथ-साथ आंख, पेट और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण पैदा कर सकता है।
गुरुवार को पीआईसीयू में 15 रोगी आए। इनमें से पांच की हालत गंभीर है। दो को निमोनिया, दो को बुखार और एक को झटके आ रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बच्चों में बुखार, प्लेटलेट्स का गिरना, टीएलसी कम होना जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। यह सभी डेंगू जैसे लक्षण हैं। इनकी एलाइजा या अन्य लैब जांच कराने पर डेंगू निगेटिव आ रही है।