सोमवार से बच्चे की हालत बिगड़ी तो डॉक्टर ने आईसीयू में भर्ती करने की सलाह दी। बाद में रोगी की मौत हो गई। हैलट के बालरोग अस्पताल और निजी बालरोग विशेषज्ञों के यहां वायरल डायरिया और संक्रमण के रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
कानपुर में मौसमी बदलाव से वायरल संक्रमण का प्रकोप बढ़ रहा है। वायरल निमोनिया से एक बच्चे की मौत हो गई। बड़ी संख्या में छोटे बच्चे वायरल संक्रमण की चपेट में हैं। बड़े भी वायरल की चपेट में आ रहे हैं। रोगियों को ठंड देकर बुखार आ रहा है। इसके बाद गले में जकड़न हो रही है।
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फिर फेफड़ों में संक्रमण से सांस फूल रही है। हैलट की हाफ ओपीडी में बुखार के 85 रोगी आए हैं। इनमें कई रोगियों में अस्थमा के लक्षण उभर आए। नौबस्ता के रहने वाले मुकेश कुमार की ढाई साल के बच्चे की निमोनिया से मौत हो गई। बच्चे को पहले किदवईनगर के एक अस्पताल में दिखाया गया।
सोमवार से बच्चे की हालत बिगड़ी तो डॉक्टर ने आईसीयू में भर्ती करने की सलाह दी। बाद में रोगी की मौत हो गई। हैलट के बालरोग अस्पताल और निजी बालरोग विशेषज्ञों के यहां वायरल डायरिया और संक्रमण के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इसके साथ ही हैलट ओपीडी में बड़ी संख्या में बुखार के रोगियों की लाइन लगी रही।
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रोगियों को इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। इसके साथ ही पैथोलॉजिकल जांचों में बुखार के रोगियों की सीरम क्रेटेनिन बढ़ी हुई आ रही है। जो पुराने रोगी हैं, उनकी दिक्कत बढ़ गई है। मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि मौसम के बदलाव से बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ रही है।