रजिस्टर में इस सिरप की कोई एंट्री नहीं
सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने अपने स्तर से जांच करवाकर रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिरप बांटे जाने के आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार ट्राईमेथोप्रिम एंड सल्फामेथोक्साजोल आईपी सिरप मार्च 2025 तक सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पूरी तरह वितरित की जा चुकी थी। स्वास्थ्य विभाग के बाढ़ राहत स्टॉक रजिस्टर में इस सिरप की कोई एंट्री नहीं है। सीएमओ ने इसे किसी की शरारत करार दिया।
लखनऊ की टीम ने भी की जांच
शुक्रवार को सीएचसी और पीएचसी में लखनऊ से आई एक जांच टीम ने भी एक्सपायरी सिरप मामले में जांच की। यहां सीएमओ के साथ टीम ने दस्तावेज इकट्ठा किए और अपने साथ लखनऊ लेकर भी गई है।