मीनोपॉज तक हृदय रोगों से बचाता है
अध्ययन में पाया गया कि हार्ट अटैक से पीड़ित महिलाओं की नसें कई जगह से अवरुद्ध थीं या पूरी तरह से ब्लॉक थीं, जो बीमारी की अधिक गंभीरता को दर्शाता है। महिलाओं द्वारा लक्षणों को नजरअंदाज करना हृदय रोगों की गंभीरता का एक प्रमुख कारण है। अध्ययन में यह भी सामने आया कि 35 वर्ष या उससे कम उम्र की किसी भी महिला को हार्ट अटैक नहीं आया, जबकि पुरुष 30 वर्ष की आयु तक के थे। इसका एक कारण महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन है, जो उन्हें मीनोपॉज तक हृदय रोगों से बचाता है।
हल्का दर्द महसूस होने पर भी नजरअंदाज न करें
मीनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन का स्तर कम होने और प्रोजेस्ट्रॉन बढ़ने से हार्मोनल असंतुलन होता है जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वे सीने में हल्का दर्द महसूस होने पर भी उसे नजरअंदाज न करें। यदि सीने में हल्के दर्द के साथ थकान, सांस फूलना, चक्कर आना या मिचली जैसे लक्षण हों, तो इसे हृदय रोग का संकेत समझकर तुरंत जांच करानी चाहिए। मासिक धर्म बंद होने के बाद महिलाओं को नियमित रूप से ईसीजी, टीएमटी और लिपिड प्रोफाइल जैसी जांचें करानी चाहिए और तनाव से बचना चाहिए।