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रहें सर्तक: कार्बाइड पटाखों के धमाकों से जिंदगी बेरौनक, ऑफ्थेल्मिक सोसाइटी जुटा रही ऐसे रोगियों का आंकड़ा

Fri, 24 Oct 2025 10:58 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर समेत यूपी में दर्जनों लोगों ने सोशल मीडिया पर विधि देखकर कार्बाइड के पटाखे बनाए, जिससे उनकी आंखों की रोशनी खतरे में पड़ गई है। यूपी स्टेट ऑफ्थेल्मिक सोसाइटी ने अब तक 60 मामलों की रिपोर्ट इकट्ठी की है, जिनमें कानपुर के आठ रोगी शामिल हैं।
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कार्बाइड पटाखों से खतरा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में सोशल मीडिया पर कारबाइड का पटाखा बनाने की विधि सीखकर दर्जनों लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी को खतरे में डाल दिया है। प्रदेश के लगभग हर जिले में कारबाइड के पटाखे दगाने वालों ने अपनी आंखों और चेहरे पर गहरे घाव कर लिए हैं। इससे नेत्र रोग विशेषज्ञों को रोगियों की आपात सर्जरी करनी पड़ी। यूपी स्टेट ऑफ्थेल्मिक सोसाइटी ने अब तक 60 रोगियों के केस इकट्ठे किए हैं।

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सोसाइटी प्रदेश भर से कार्बाइड पटाखों से जलने वालों के आंकड़े इकट्ठे कर रही है। साथ ही कार्बाइड के पटाखों से होने वाली एल्कली इंजरी (आंखों के ऊतकों को नुकसान) का अध्ययन शुरू कर दिया गया। सोसाइटी ने लोगों से अपील की है कि कार्बाइड पटाखों के चक्कर में जिंदगी खतरे में न डालें। सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मलय चतुर्वेदी ने बताया कि अभी तक कानपुर से आठ, प्रयागराज से चार, मुरादाबाद से आठ, गोरखपुर से 10 समेत अन्य कई जिलों से रिपोर्ट आई है।

आंख की रोशनी बच पानी मुश्किल है
प्रदेश भर से कुल 60 केस रिपोर्ट मिली हैं। सोसाइटी के सदस्यों से कहा गया कि अपने क्षेत्र के इस तरह के मामलों की जानकारी दें। कार्बाइड पटाखों से जले रोगियों की आपात सर्जरी की गई, लेकिन एल्कली इंजरी गहरी होने की वजह से आंख की रोशनी बच पानी मुश्किल है। शहर में आए रोगियों की भी यही स्थिति है। उनके बर्न चेहरे पर आंखें बच जाएंगी, लेकिन घाव का गहरा दाग रहेगा।
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जख्म को काटकर गहरा करने का काम करता है कार्बाइड
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि सोशल मीडिया पर कार्बाइड से पटाखा बनाने के संबंध में एक वीडियो डाला गया था। इसमें पूरी विधि बताई गई। इसी की लोगों ने नकल शुरू कर दी। कार्बाइड कैल्शियम कारबोनेट होता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर बेल्डिंग में होता है। यह तकरीबन दो हजार रुपये किलो मिलता है। सौ रुपये में 50 ग्राम कार्बाइड पाउडर आसानी से मिल जाता है। यह जख्म को अंदर-अंदर काटकर गहरा कर देता है। आंखों के अंदर जाने पर यह कार्निया को तहस-नहस कर देता है।
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