आंख की रोशनी बच पानी मुश्किल है
प्रदेश भर से कुल 60 केस रिपोर्ट मिली हैं। सोसाइटी के सदस्यों से कहा गया कि अपने क्षेत्र के इस तरह के मामलों की जानकारी दें। कार्बाइड पटाखों से जले रोगियों की आपात सर्जरी की गई, लेकिन एल्कली इंजरी गहरी होने की वजह से आंख की रोशनी बच पानी मुश्किल है। शहर में आए रोगियों की भी यही स्थिति है। उनके बर्न चेहरे पर आंखें बच जाएंगी, लेकिन घाव का गहरा दाग रहेगा।
जख्म को काटकर गहरा करने का काम करता है कार्बाइड
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि सोशल मीडिया पर कार्बाइड से पटाखा बनाने के संबंध में एक वीडियो डाला गया था। इसमें पूरी विधि बताई गई। इसी की लोगों ने नकल शुरू कर दी। कार्बाइड कैल्शियम कारबोनेट होता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर बेल्डिंग में होता है। यह तकरीबन दो हजार रुपये किलो मिलता है। सौ रुपये में 50 ग्राम कार्बाइड पाउडर आसानी से मिल जाता है। यह जख्म को अंदर-अंदर काटकर गहरा कर देता है। आंखों के अंदर जाने पर यह कार्निया को तहस-नहस कर देता है।