निरालानगर डब्ल्यू ब्लाॅक में नहरिया ओवरफ्लो होने से तीन बस्तियों और घरों में पानी भर गया। चार दिन से सैकड़ों परिवार घरों का पानी उलीचने को मजबूर हैं। केशवनगर के सड़कें भी जलमग्न हैं। उधर, सिंचाई विभाग के अधिकारी ने बताया कि लोगों की दिक्कत दूर करने के लिए सोमवार से नहर में कम पानी छोड़ेंगे।
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लोअर गंगा केनाल और उससे जुड़ी नौरैयाखेड़ा-सीटीआई नहर में चार दिन से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। इस वजह से बर्रा स्थित सचान चौराहे के पीछे निरालानगर स्थित डब्ल्यू ब्लाॅक बस्ती, गोपालनगर बस्ती, शिवनगर बस्ती के सैकड़ों घरों में नहर का पानी भर रहा है।
मंदिर भी गंदे पानी में डूबा
- फोटो : अमर उजाला
इससे बचाव के लिए लोगों ने दरवाजे के पास ईंटें लगाई हैं। इसके बावजूद बचाव नहीं हो पा रहा है। डब्ल्यू-ब्लाॅक बस्ती के विनय प्रकाश, रानी, रीतेश, प्रेमप्रकाश, सचिन आदि ने बताया कि पानी भरने से गृहस्थी का सामान भी भीग गया है। खाना-पीना भी दूभर है।
ओवरफ्लो हो नहर पर गिरा पेड़ काटकर हटाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
दिन-रात पानी उलीचा जाता है। अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। रविवार को इसी बस्ती में नहर के किनारे लगा एक पेड़ और अन्य डाली टूटकर नहर में गिर गई। इससे पानी के साथ आई जलकुंभी और कचरा फंसने से पानी का बहाव कम हो गया। इस वजह से जलभराव और बढ़ गया।
घरों में घुसा नहर का पानी
- फोटो : अमर उजाला
निरालानगर स्थित केशवकुंज में रहने वाले पंकज वर्मा, हरचरन भाटिया ने बताया कि चार दिन से आवागमन प्रभावित है। सड़कें भी टूट रही हैं। गर्मी की वजह से डिमांड पर नहर में ज्यादा पानी छोड़ा गया।
नहर ओवरफ्लो होने और घरों में पानी घुसने की सूचना मिली है। वह इस नहर में पानी कम करा रहे हैं, ताकि लोगों को दिक्कत न हो। - मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग