कानपुर में केसीएएस सीपीई स्टडी सर्किल कानपुर की ओर से शुक्रवार को सिविल लाइंस स्थित रेस्टोरेंट में आयकर अधिनियम 2025 के तहत व्यवसाय एवं पेशे से होने वाले लाभ-हानि में हुए बदलाव और असेसमेंट प्रक्रिया पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि री-असेसमेंट प्रक्रिया में अब विभाग सीधा नोटिस जारी नहीं कर सकता। पहले सूचना देनी होगी और करदाता को जवाब का अवसर मिलेगा। समयसीमा, अनुमोदन और प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।
सीए गोविंद कृष्णा ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट 2025 का सबसे बड़ा योगदान व्यवसाय, पेशे और आकलन प्रक्रिया दोनों क्षेत्रों में स्पष्टता और सरलता लाना है। उन्होंने बताया कि व्यवसाय एवं पेशे से आय से जुड़े पुराने बिखरे हुए प्रावधानों को अब एक क्रमबद्ध ढांचे में रखा गया है। जिससे समझना और अनुपालन करना पहले की तुलना में कहीं अधिक सहज हो गया है। उन्होंने कहा कि डीम्ड प्रॉफिट, रिकवरी, राइट डाउन वैल्यू अंतर और विशेष परिस्थितियों में माने जाने वाले लाभ को एकीकृत कर दिया गया है, जिससे भ्रम समाप्त हुआ है। सीए विवेक खन्ना ने बताया कि री-असेसमेंट आयकर विभाग की वह प्रक्रिया है।