कानपुर। नशीली दवाओं के मास्टरमाइंड में कानपुर के दवा व्यापारी भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इसमें अग्रवाल ब्रदर्स के संचालक विनोद अग्रवाल का नाम भी है। विनोद अग्रवाल के बेटे शिवम अग्रवाल की फर्म वेदांश पर अब तक कोई कारवाई नहीं हुई है।
अग्रवाल ब्रदर्स का नशीली दवाओं के मामले में सबसे पहले नाम जून 2025 में आया था जब ड्रग विभाग ने पश्चिम पारा में 1.81 करोड़ रुपये की नशीली दवाएं जब्त की थीं। दवाएं भंडारित करने वाले व्यक्ति मुलायम सिंह के पास कोई लाइसेंस नहीं मिला था। मुलायम ने बताया था कि उसने नशीली दवाएं अग्रवाल ब्रदर्स के यहां से खरीदी थीं। इसके बाद ड्रग विभाग ने अग्रवाल ब्रदर्स के यहां 15 अक्तूबर को छापा मारकर नशीली दवाएं बरामद कीं और खरीद बिक्री पर रोक लगाई। नवंबर में आयुक्त रोशन जैकब ने छापा मारकर नशीली के साथ कोपरगंज स्थित गोदाम में एक्सपायरी दवाएं बरामद की। तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने पर तुरंत एफआईआर कराने के निर्देश दिए थे। इसी फर्म से बिरहाना रोड स्थित एसजीपीएस व प्रेमा जैसी मेडिकल फर्मों ने भी दवाओं की खरीदारी की थी पर अभी तक इन पर भी एफआईआर नहीं हुई है।