पनकी में राज्य कर विभाग के उपायुक्त ने करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने पर फर्म संचालक पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। शातिरों ने फर्जी नाम और पते से फर्म रजिस्टर कराकर 14.74 करोड़ रुपये का कागजों पर कारोबार किया। इसके जरिये 2.65 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई। जांच में हेराफेरी पकड़े जाने पर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
राज्य कर विभाग के उपायुक्त (विशेष अनुशासन) क्षेत्र-बी, पंकज कुमार ने पुलिस को बताया कि 25 जून 2026 को मेसर्स शिवांग ट्रेडर्स नामक फर्म का पंजीयन कराया गया था। कागजों में फर्म का पता ई रतनपुर कॉलोनी, पनकी रोड दर्शाया गया था। फर्म स्वामी के तौर पर खलासी लाइन निवासी शिवांग विश्वकर्मा को दिखाया गया। शक होने पर 16 सितंबर को जब विभागीय टीम फर्म का निरीक्षण करने रतनपुर पहुंची तो वहां न तो कोई गोदाम मिला और न ही कोई कारोबार।
जांच में स्पष्ट हुआ कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीयन हासिल किया गया था। इसके बाद जीएसटी कॉमन पोर्टल पर फर्म के लेनदेन की पड़ताल की गई। सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में महज ढाई माह के बीच फर्म ने 14 करोड़ 74 लाख 45 हजार रुपये की आउटवर्ड सप्लाई दर्शाई है। इसमें दो करोड़ 65 लाख 40 हजार रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) बना उसे आगे पासऑन कर करोड़ों के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया।
पनकी थाना प्रभारी ने बताया कि राज्य कर उपायुक्त पंकज कुमार की तहरीर पर फर्जी फर्म संचालक शिवांग विश्वकर्मा के खिलाफ केस दर्जकर जांच की जा रही है।