पनकी के न्यू ट्रांसपोर्टनगर के सामने रेलवे लाइन के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन में शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी से झाड़ियों में आग लग गई। हवा तेज होने के कारण लपटों ने रेलवे लाइन के किनारे बनी टायर, मोबिल ऑयल और एक ढाबा को चपेट में ले लिया। लपटें और धुआं आसामान में छा गया। सूचना पर शहर के फायर स्टेशनों से 15 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मी तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा सके।
आग से करीब 30 लाख रुपये का नुकसान का अनुमान है। आग ने रेलवे लाइन के किनारे स्थित शालू सिंह का दद्दा के होटल और गंगागंज निवासी हरीशचंद्र दुबे की रोहित लुब्रिकेटिंग ऑयल और उसके आगे स्थित अमजद की पुराने टायरों के गोदाम को चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में मोबिल ऑयल व टायर जलने से धुआं और लपटें आसमान में फैल गईं। सूचना पर घटना स्थल से मात्र पचास मीटर की दूरी पर पड़ाव सब स्टेशन से दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन टैंकर में पानी खत्म हो गया।
बगल में स्थित धुलाई सेंटर से पानी लेने की कोशिश की गई। इस बीच विद्युत आपूर्ति बंद करवा दी गई। इसके बाद फजलगंज, मीरपुर, किदवईनगर, कर्नलगंज फायर स्टेशन से दमकल की 15 गाड़ियों को बुलाया गया। दमकलकर्मी आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे, तभी रोहित लुब्रिकेटिंग ऑयल की दुकान में रखे फटने लगे। साथ ही टायर गोदाम में रखे करीब 100 से ज्यादा नए व पुराने टायर भी जलने लगे। इसके बाद लगभग 25 टैंकर पानी से लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि आग को पूरी तरह से बुझा ली गई है। आग लगने के कारणों की जांच कराई जाएगी। वहीं पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि रेलवे लाइन के ऊपर से निकली तारों से निकली चिंगारी से उन लोगों की दुकानें जली हैं। टायर दुकानदार के मुताबिक आग से उनका 15 लाख, मोबिल दुकानदार के मुताबिक 4000 से ज्यादा लीटर मोबिल ऑयल जलने से 12 लाख और ढाबा मालिक से अनुसार उसका भी पूरा ढाबा जलकर बर्बाद हो गया है।