दान पत्र के माध्यम से अपने नाम करा ली थी जमीन
प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई, तो सामने आया कि रामजी के पिता कृष्ण पाल की वर्ष 2023 में मृत्यु हो गई थी। उनके नाम करीब साढ़े चार बीघा जमीन थी। यह भूमि पत्नी महरानी, बेटों रामजी और श्यामजी तथा बेटी सीमा पाल में बंट गई थी। वर्ष 2024 में सीमा पाल ने मां के हिस्से की जमीन भी दान पत्र के माध्यम से अपने नाम करा ली थी।
पीटने की शिकायत करने जा रही थी
इंस्पेक्टर के मुताबिक, एलएलबी कर रहा श्यामजी लगातार अपनी अधिवक्ता बहन से मां की संपत्ति छोड़ने का दबाव बना रहा था। इन्कार पर 14 अगस्त 2025 देर शाम उसने सीमा की पिटाई कर दी। बहन थाने में शिकायत करने के लिए घर से निकली तो श्यामजी लाठी लेकर उसका पीछा करने लगा।
पीछे से ईंट-डंडे से किया हमला
रास्ते में उसके सिर पर पहले ईंट से वार किया, फिर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। सीमा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या को हादसे का रूप देने के लिए श्यामजी ने अपने बड़े भाई रामजी को गुमराह कर डीसीएम से हादसा होने की बात बताई।
गवाहों के आधार पर पुलिस ने बढ़ाई हत्या की धारा
विवेचना में पुलिस ने गांव के कई लोगों के बयान लिए। सभी ने श्यामजी पर आरोप लगाए। बड़े भाई रामजी ने भी इसकी तस्दीक की। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भारी वस्तु से प्रहार की बात सामने आई थी। इसके बाद गवाहों के आधार पर पुलिस ने हत्या की धारा बढ़ाई।