एससी और ओबीसी को नाममात्र का प्रतिनिधित्व मिला
चुनावी साल में सभी बिरादरी के लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व के बजाय ब्राह्मणों पर ही जिला नेतृत्व इतना मेहरबान क्यों हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में एक हिस्ट्रीशीटर पार्षद और आपराधिक प्रवृत्ति के एक शख्स को भी कार्यसमिति सदस्य बनाने की बात कही गई है। पूर्व पार्षद सुमित कुमार सरोज ने कहा कि सूची में एससी और ओबीसी को नाममात्र का प्रतिनिधित्व मिला है। ऐसे में इस वर्ग के लोग जरूर खफा होंगे।
जल्द ही एक सूची और आएगी
चुनावी साल में सामंजस्य बनाकर सभी बिरादरी को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देते हुए साथ लेकर चलना चाहिए। अमन सोनकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जो कार्यकर्ता वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, क्या उनके समर्पण का यही सम्मान है। उत्तर इकाई के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि महानगर में भाजपा का हर चौथा कार्यकर्ता ब्राह्मण है, जिन्हें पदाधिकारी के तौर पर जगह नहीं मिल सकी थी, उन्हें सदस्य बनाया गया है। कार्यसमिति सदस्यों की जल्द ही एक सूची और आएगी, उसमें जातिगत समायोजन पूरी तरह से देखने को मिलेगा।