चकेरी थाना क्षेत्र के विराट नगर में रविवार देर शाम होम्योपैथिक डॉक्टर के बेटे का शव फंदे पर लटका मिला। घटना से परिवार में कोहराम मच गया, वहीं आत्महत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। विराट नगर निवासी होम्योपैथिक डॉक्टर प्रभात के बेटे देवांश राजवंश कुशवाहा (21) प्राइवेट कॉलेज से इंटर की पढ़ाई कर रहा था।
बड़े भाई अक्षांश राजवंश, जो दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, के मुताबिक रविवार शाम करीब सात बजे देवांश अपने कमरे में था। तभी मां पूनम ने उसे मोमोज खाने के लिए बुलाया। देवांश नीचे आया, मोमोज लिया और वापस कमरे में चला गया। बताया गया कि करीब 7:51 बजे मां किसी काम से कमरे में पहुंचीं तो देवांश का शव नायलॉन की रस्सी के सहारे लटका मिला।
यह दृश्य देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना के समय कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके की जांच की। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों के अनुसार देवांश को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं थी, ऐसे में उसका यह कदम उठाना सभी के लिए हैरान करने वाला है। चकेरी थाना प्रभारी अजय मिश्रा के अनुसार मामले की जांच की जा रही है।