कानपुर में उजियारीपुरवा में बाढ़ के पानी में डूबे मकान के बरामदे में गुरुवार सुबह पुताई कारीगर संजय उर्फ लाला (32) का शव उतराता मिला। वह करीब 10 साल से मकान मालिक श्यामबाबू उर्फ पाजी के मकान में अपनी मां तारा देवी के साथ रह रहा था। हादसे के वक्त वह घर में अकेला था। परिजनों ने कमरे में तार लगाने के दौरान करंट की चपेट में आने की आशंका जताई है।
मकान मालिक के मुताबिक, उजियारीपुरवा क्षेत्र में करीब 15 दिन से बाढ़ के हालात हैं। सैकड़ों मकान पानी में डूबे हैं और लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं। बाढ़ के कारण संजय की मां तारा देवी लालबंगला में रहने वाले अपने चचेरे भाई के घर चली गई थीं। संजय घर पर अकेला रह रहा था। पिछले दो दिनों से संजय दिखाई नहीं दिया तो मकान मालिक ने उसकी शादीशुदा बहनों मोना और प्रीती के यहां भी पता कराया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।