तकनीकी टीम के साथ रूट का परीक्षण कर प्रस्ताव भेजा था
इसमें रामादेवी से गोल चौराहा तक एलिवेटेड रोड के लिए केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत किए गए बजट का स्वागत किया गया है। डीपीआर में अधिकारियों को सुझावों पर 20 बार संशोधन हुआ। दो महीने पहले फाइनल डीपीआर सबमिट की गई। उच्च स्तरीय संयुक्त विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2012 में तत्कालीन आयुक्त पीके महंती के कार्यकाल के दौरान लखनऊ के क्षेत्रीय अधिकारी अश्विनी कुमार ने अपनी तकनीकी टीम के साथ रूट का परीक्षण कर प्रस्ताव भेजा था। लागत अधिक होने के कारण वित्तीय स्वीकृत नहीं मिली। बाद में जीटी रोड को छह लेन करने की योजना का प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन गोल चौराहे से मेट्रो गुजरने की वजह फिर रुक गया। अब जाकर प्रस्ताव गोल चौराहे से रामादेवी किया गया, जो आगे बढ़ रहा है।
एक घंटे की दूरी 20 मिनट में
शहर की दो बड़ी और बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं एलिवेटेड ट्रैक और अब एलिवेटेड रोड के लिए बजट की स्वीकृति मिलने के बाद लोगों में जाम से छुटकारा मिलने की उम्मीद जग गई है। सेंट्रल स्टेशन और एयरपोर्ट पहुंचने में एक से दो घंटे लग जाते थे। निर्माण के बाद 20 से 30 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। परियोजना से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी तो फ्लाइट संचालन का भी सरकार पर दबाव बनेगा। शहर के कपड़ा, सराफा, लोहा सहित घनी आबादी में स्थित थोक बाजारों से घंटाघर होते हुए सीधे एलिवेटेड रोड पर फर्राटा भरते हुए सीधे लखनऊ, प्रयागराज और इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पहुंचा जा सकेगा। जीटी रोड पर भी यातायात का दबाव कम होगा।